कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ता में आए बड़े बदलाव का असर अब राजधानी कोलकाता के नगर निगम (KMC) पर भी दिखने लगा है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के आधार पर कोलकाता के 144 वार्डों में से 100 से अधिक सीटों पर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को पछाड़ दिया है। उत्तर के सिंथी से लेकर दक्षिण के जोका और टॉलीगंज तक, हर तरफ भगवा लहर का असर साफ देखा जा रहा है।
दिग्गजों की हार से TMC सदमे में
कोलकाता दक्षिण की हाई-प्रोफाइल सीटों पर भाजपा की जीत ने तृणमूल के मनोबल को तोड़ दिया है।
भवानीपुर: निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हार और शुभेंदु अधिकारी की जीत ने सबसे बड़ा उलटफेर किया है।
रासबिहारी: जिला तृणमूल अध्यक्ष देवाशीष कुमार को भाजपा के स्वपन दासगुप्ता ने शिकस्त दी।
टॉलीगंज और जादवपुर: मंत्री अरूप विश्वास और देवव्रत मजूमदार जैसे कद्दावर नेताओं के क्षेत्रों में भी भाजपा ने जीत का परचम लहराया है।
दिसंबर में होने हैं चुनाव, पर जल्दबाजी में BJP
नियम के मुताबिक, कोलकाता नगर निगम के चुनाव इस साल दिसंबर में होने हैं। हालांकि, भाजपा नेतृत्व का मानना है कि नई सरकार वर्तमान बोर्ड को भंग कर जल्द चुनाव करा सकती है। भाजपा नेताओं का दावा है कि यदि अभी चुनाव होते हैं, तो वे 100 से कहीं ज्यादा सीटें जीतेंगे।
बस्तियों और कॉलोनियों में गिरा 'जोड़ा फूल'
चौंकाने वाली बात यह है कि जो बस्तियां और कॉलोनियां कभी तृणमूल का अभेद्य किला मानी जाती थीं, वहां इस बार भाजपा को भारी जनसमर्थन मिला है। तृणमूल के कई मेयर-परिषद (MMIC) और बोरो चेयरमैन अपने ही वार्डों में 3 से 5 हजार वोटों के अंतर से हार गए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोगों ने उम्मीदवार के बजाय सीधे 'कमल' के निशान पर भरोसा जताया है।
कार्यालयों पर कब्जे की खबरें
नतीजों के बाद टॉलीगंज समेत कई इलाकों में तृणमूल के वार्ड कार्यालयों और सेवा केंद्रों पर भाजपा समर्थकों के कब्जे की खबरें भी सामने आ रही हैं। अब सवाल यह है कि क्या भाजपा कोलकाता नगर निगम को भी भगवा रंग में रंगने में सफल होगी?