कोलकाता (पश्चिम बंगाल): कोलकाता में अवैध पार्किंग, ट्रैफिक जाम और पार्किंग शुल्क के नाम पर होने वाली कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य के शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों के विभाग ने नई डिजिटल पार्किंग व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में एकीकृत डिजिटल पार्किंग प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे पार्किंग प्रबंधन अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके।
15,000 पार्किंग स्पॉट्स की होगी डिजिटल निगरानी
योजना के पहले चरण में कोलकाता नगर निगम (KMC) क्षेत्र के लगभग 15,000 वैध पार्किंग स्थलों की पहचान की गई है। इन पार्किंग जोनों के संचालन के लिए नए सिरे से ई-टेंडर जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रशासन ने ऐसे करीब 4,000 अन्य स्थानों को भी चिह्नित किया है, जहां लंबे समय से वाहन खड़े किए जाते रहे, लेकिन सरकारी राजस्व नहीं मिल रहा था। नई व्यवस्था के जरिए इन स्थानों को भी नियमन के दायरे में लाने की तैयारी है।
दुर्गा पूजा से पहले आएगा स्मार्ट पार्किंग ऐप
सरकार दुर्गा पूजा 2026 से पहले एक स्मार्ट पार्किंग मोबाइल ऐप लॉन्च करने की योजना बना रही है। इस ऐप के माध्यम से वाहन चालक अपने गंतव्य के पास उपलब्ध पार्किंग स्लॉट की जानकारी रियल-टाइम में देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर पहले से स्लॉट बुक भी कर सकेंगे। पार्किंग शुल्क का भुगतान पूरी तरह डिजिटल होगा, जिससे नकद लेनदेन और पर्ची आधारित व्यवस्था को समाप्त करने की तैयारी है।
नो-पार्किंग और वन-साइड पार्किंग नियमों पर सख्ती
नई व्यवस्था के तहत कई सड़कों पर केवल वन-साइड पार्किंग की अनुमति होगी ताकि यातायात बाधित न हो। अधिकारियों के अनुसार, 1 सितंबर 2026 से नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ ई-चालान जारी करने और जुर्माना लगाने का अभियान और सख्त किया जाएगा। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर ऑनलाइन कार्रवाई की जाएगी।
कमर्शियल वाहनों और पार्किंग अटेंडेंट्स के लिए नए नियम
योजना में व्यावसायिक वाहनों और ऐप-आधारित टैक्सियों की लंबी अवधि तक सड़क किनारे पार्किंग पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। जिन लोगों के पास निजी पार्किंग की सुविधा नहीं है और वे नियमित रूप से सार्वजनिक सड़कों का उपयोग पार्किंग के लिए करते हैं, उनके लिए भी नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। इसके अलावा सभी अधिकृत पार्किंग अटेंडेंट्स को फोटोयुक्त पहचान पत्र और निर्धारित यूनिफॉर्म दी जाएगी। प्रत्येक पार्किंग स्थल पर शुल्क संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने के लिए डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाने की भी योजना है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
हावड़ा और बिधाननगर तक होगा विस्तार
सरकार का लक्ष्य पहले कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में इस डिजिटल पार्किंग प्रणाली को पूरी तरह लागू करना है। इसके बाद दूसरे चरण में इसे हावड़ा, बिधाननगर और राज्य के अन्य प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा।