नदिया: तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को मंगलवार को अपने लोकसभा क्षेत्र कृष्णनगर के चापड़ा में विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंची सांसद के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने महुआ मोइत्रा को काले झंडे भी दिखाए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारी उनकी कार के करीब पहुंच गए। तृणमूल कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदर्शनकारियों ने सांसद की कार में तोड़फोड़ की कोशिश की। महुआ मोइत्रा ने इस विरोध के पीछे भाजपा कार्यकर्ताओं का हाथ होने का आरोप लगाया है।
चापड़ा में कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद हुआ विरोध
महुआ मोइत्रा चापड़ा में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंची थीं। सम्मेलन में पार्टी के संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा हुई। बैठक खत्म होने के बाद जैसे ही सांसद बाहर निकलीं, वहां मौजूद लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काले झंडे लेकर विरोध जताया। भीड़ बढ़ने पर महुआ मोइत्रा अपनी सुरक्षा के लिए कार में बैठ गईं। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी जारी रखी और कार को घेर लिया।
‘गो बैक’ के नारों से बढ़ा राजनीतिक तनाव
महुआ मोइत्रा के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने लगातार ‘गो बैक’ के नारे लगाए। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी बनाए, जो बाद में सामने आए। विरोध के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनने लगी। कुछ देर के लिए इलाके में राजनीतिक तनाव का माहौल बन गया। घटना के बाद चापड़ा में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण हो गई। हालांकि, सांसद को अंततः वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया।
महुआ की कार पर हमला और तोड़फोड़ का आरोप
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने महुआ मोइत्रा की कार पर हमला किया। पार्टी के मुताबिक, कुछ लोगों ने कार को घेरकर उस पर हाथ मारा और तोड़फोड़ करने की कोशिश की। महुआ मोइत्रा ने भी आरोप लगाया कि विरोध के दौरान उनकी कार को निशाना बनाया गया। हालांकि, सांसद किसी तरह भीड़ से निकलकर सुरक्षित वहां से रवाना हो गईं। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने इसे राजनीतिक विरोध के नाम पर हिंसक कार्रवाई बताया। वहीं, पूरे मामले को लेकर इलाके में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
महुआ मोइत्रा ने भाजपा पर लगाया आरोप
महुआ मोइत्रा ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता सम्मेलन से निकलते समय उनके खिलाफ अचानक नारेबाजी शुरू की गई। उनके मुताबिक, तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश की, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। महुआ ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन की ओर से तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं और जिला परिषद सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संगठन मजबूत करने पर हुई चर्चा
महुआ मोइत्रा ने बताया कि चापड़ा ब्लॉक में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की बैठक सफल रही। बैठक में पलाशीपाड़ा और जलंगी के विधायकों की मौजूदगी में पार्टी संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई। उन्होंने पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। सांसद ने ऐसे नेताओं को ‘बेईमान’ बताया और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। महुआ के मुताबिक, आने वाले समय में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करने का संदेश दिया।
भाजपा ने महुआ के खिलाफ लोगों की नाराजगी बताई
वहीं, भाजपा नेताओं ने महुआ मोइत्रा के आरोपों को खारिज करते हुए प्रदर्शन को स्थानीय लोगों की नाराजगी बताया। चापड़ा भाजपा आईटी सेल के प्रभारी गोपाल दास और स्थानीय नेता अंबरजीत रॉय ने महुआ मोइत्रा पर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा नेताओं का दावा है कि चापड़ा इलाके में अशांति, नशीले पदार्थों के कारोबार और कथित जबरदस्ती की राजनीति को लेकर लोगों में नाराजगी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है। भाजपा नेताओं के मुताबिक, इसी नाराजगी के चलते लोगों ने सांसद को काले झंडे दिखाकर विरोध जताया।
पहले भी सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट पहुंची थीं महुआ
महुआ मोइत्रा को इससे पहले भी अपने लोकसभा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है। लगातार विरोध और कथित हमलों के बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत के आदेश के बाद कृष्णनगर में उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की बात सामने आई थी। अब चापड़ा में हुए ताजा विरोध ने उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम को लेकर इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
चापड़ा में तृणमूल कांग्रेस के कार्यक्रम के बाद महुआ मोइत्रा को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। उनके खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे लगाए गए और काले झंडे दिखाए गए। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनकी कार पर हमला और तोड़फोड़ की कोशिश की गई। महुआ ने इस घटना के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार बताया। वहीं, भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन को स्थानीय लोगों का विरोध बताते हुए सांसद पर क्षेत्र में अशांति और अन्य मुद्दों को लेकर आरोप लगाए। इस घटना के बाद नदिया के चापड़ा में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।