कोलकाता - पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों पूरी तरह गरमाई हुई है। आगामी विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राज्य में सियासी माहौल चरम पर है। दो चरणों में होने वाले इस चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल 2026 को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 को होगा। चुनाव से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं, और इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता की भवानीपुर सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
ममता बनर्जी की संपत्ति सामने आई
नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में ममता बनर्जी की संपत्ति को लेकर जो जानकारी सामने आई है, वह उन्हें देश के अन्य नेताओं से अलग खड़ा करती है। हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 15.37 लाख रुपये है, जो कि 2021 के विधानसभा चुनाव में घोषित 16.72 लाख रुपये से करीब 1.3 लाख रुपये कम है। ऐसे समय में जब कई नेताओं की संपत्ति चुनाव दर चुनाव बढ़ती जाती है, ममता बनर्जी की संपत्ति में कमी एक अलग ही तस्वीर पेश करती है।
ममता के पास न तो घर है और न ही गाड़ी
हलफनामे की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ममता बनर्जी के पास न तो अपना कोई घर है और न ही कोई निजी गाड़ी। उनके नाम पर न कृषि योग्य भूमि है और न ही कोई गैर-कृषि जमीन दर्ज है। एक मुख्यमंत्री होने के बावजूद इतनी सीमित व्यक्तिगत संपत्ति उनके सादगीपूर्ण जीवनशैली को दर्शाती है। यही कारण है कि उन्हें अक्सर ‘दीदी’ के नाम से जाना जाता है, जो जनता के बीच उनकी सादगी और जुड़ाव को मजबूत करता है।
ममता के पास 9 ग्राम और 750 मिलीग्राम सोना है
उनकी चल संपत्ति का बड़ा हिस्सा नकद और बैंक जमा के रूप में है। इसके अलावा, उनके पास कुल 9 ग्राम और 750 मिलीग्राम सोना है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 1.45 लाख रुपये बताई गई है। कुल मिलाकर उनकी चल संपत्ति 15,37,509.71 रुपये दर्ज की गई है। गौर करने वाली बात यह भी है कि ममता बनर्जी पर किसी भी प्रकार का कोई बकाया कर्ज नहीं है, जो उनकी वित्तीय स्थिति को और अधिक स्पष्ट करता है।
ममता की सादगी ही उनकी राजनीतिक पहचान है
ममता बनर्जी की यह सादगी उनकी राजनीतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जहां एक ओर कई नेताओं पर अत्यधिक संपत्ति और संसाधनों के आरोप लगते रहते हैं, वहीं ममता बनर्जी का यह प्रोफाइल उन्हें आम जनता के और करीब लाता है। यही वजह है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में यह सादगीपूर्ण छवि मतदाताओं को कितना प्रभावित करती है और क्या ममता बनर्जी एक बार फिर से सत्ता में वापसी कर पाती हैं। फिलहाल, चुनावी माहौल अपने चरम पर है और पूरे देश की नजरें पश्चिम बंगाल पर टिकी हुई हैं।