कांथी: समाजसेवा के लिए जरूरी नहीं कि नाम और शोहरत की चाह हो। कई लोग ऐसे भी हैं, जो बिना किसी प्रचार के जरूरतमंदों की मदद को अपना दायित्व मानते हैं। पश्चिम बंगाल के कांथी के व्यवसायी और समाजसेवी मीर ममरेज अली भी ऐसी ही मिसाल पेश कर रहे हैं। दुर्गापूजा के अवसर पर उन्होंने अनाथ और जरूरतमंद बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है।
अनाथ बच्चों को दिए नए कपड़े
दुर्गापूजा के दौरान जहां हर तरफ उत्सव और खुशियों का माहौल रहता है, वहीं कई जरूरतमंद बच्चे संसाधनों की कमी के कारण त्योहार का पूरा आनंद नहीं उठा पाते। ऐसे बच्चों की खुशियों का ध्यान रखते हुए मीर ममरेज अली ने पाउशी अंत्योदय अनाथ आश्रम में रहने वाले बच्चों को नए कपड़े दिए। इसके साथ ही उन्होंने आश्रम के संचालन में सहयोग के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
आश्रम के संचालक बलराम करण ने उनके इस प्रयास के लिए आभार जताया। उन्होंने बताया कि मीर ममरेज अली लंबे समय से आश्रम की मदद करते आ रहे हैं। उनका सहयोग केवल त्योहारों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अलग-अलग अवसरों पर भी आश्रम के साथ खड़े रहते हैं।
जनकल्याण समिति के बच्चों की भी मदद
मीर ममरेज अली ने कांथी की स्वयंसेवी संस्था जनकल्याण समिति के बच्चों के लिए भी दुर्गापूजा के अवसर पर नए कपड़े और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। संस्था के संचालक स्वपन पांडा ने उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ममरेज अली जैसे समाजसेवियों का सहयोग संस्था के लिए महत्वपूर्ण है। वे नियमित रूप से अनाथ बच्चों और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए काम करते हैं।
प्रचार नहीं, सेवा को देते हैं प्राथमिकता
आज के समय में जब सामाजिक कार्यों को प्रचार और प्रसिद्धि से जोड़कर देखा जाता है, तब मीर ममरेज अली का यह प्रयास समाज के सामने एक अलग उदाहरण रखता है। वे अपने सामाजिक योगदान को सार्वजनिक करने से बचते हैं और जरूरतमंदों की सहायता को ही प्राथमिकता देते हैं।
उनकी पहल यह संदेश देती है कि समाज में बदलाव लाने के लिए बड़ी पहचान से ज्यादा मानवीय संवेदना और दूसरों के प्रति जिम्मेदारी जरूरी है। अनाथ और असहाय बच्चों के जीवन में खुशियां लाने की उनकी कोशिश न केवल जरूरतमंदों को सहारा दे रही है, बल्कि दूसरों को भी समाजसेवा के लिए प्रेरित कर रही है।