नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले नंदीग्राम एक बार फिर रणक्षेत्र बन गया है। गुरुवार (23 अप्रैल) को होने वाले मतदान के लिए प्रचार के आखिरी दौर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। इस संघर्ष में हथियारों का इस्तेमाल किया गया और जमकर तोड़फोड़ हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
घटना नंदीग्राम के भेकुटिया ग्राम पंचायत क्षेत्र के 37 नंबर बूथ की है। जानकारी के अनुसार:
आमने-सामने आए समर्थक: टीएमसी उम्मीदवार पवित्र कर के समर्थक क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे। उसी समय बीजेपी नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के अनुयायी भी वहां प्रचार के लिए पहुंच गए।
बढ़ती तल्खी: दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
भारी हिंसा: संघर्ष के दौरान धारदार हथियारों से हमला किया गया और कई मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ की गई। कुछ बाइक को पास के तालाब में भी फेंक दिया गया।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
बीजेपी का दावा: बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब वे शांतिपूर्वक प्रचार कर रहे थे, तब टीएमसी के लोगों ने हथियारों से उन पर हमला कर दिया। बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी ने उनके कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ की है।
टीएमसी का पलटवार: टीएमसी ने इन आरोपों को निराधार बताया है। स्थानीय टीएमसी नेताओं का कहना है कि बीजेपी हार के डर से हिंसा और प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। उन्होंने बीजेपी पर एक टीएमसी नेता की बेटी के अपहरण की कोशिश का भी गंभीर आरोप लगाया है।
नंदीग्राम में भारी सुरक्षा बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल (Central Forces) की विशाल टुकड़ी मौके पर पहुंची। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
बता दें कि 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान में नंदीग्राम एक 'हॉट सीट' है, जहां इस बार शुभेंदु अधिकारी और पवित्र कर के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।