नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने मुख्यालय और सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब ₹7.5 करोड़ का टेंडर जारी किया है। इसका उद्देश्य संवेदनशील परीक्षा प्रणाली को पहले से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
सिर्फ कम कीमत नहीं, गुणवत्ता को मिलेगी प्राथमिकता
इस बार NTA ने सुरक्षा एजेंसी के चयन के लिए Quality and Cost Based Selection (QCBS) मॉडल अपनाया है। तकनीकी मूल्यांकन को 70 प्रतिशत और वित्तीय बोली को 30 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। तकनीकी परीक्षा में तय अंक हासिल करने वाली एजेंसियां ही वित्तीय चरण में शामिल हो सकेंगी, ताकि बेहतर गुणवत्ता वाली सुरक्षा सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
तकनीक के जरिए होगी निगरानी
नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों में प्रवेश-निकास की निगरानी, परीक्षा सामग्री, सर्वर रूम और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही GPS आधारित पेट्रोलिंग, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
CBI जांच के बाद लिया गया फैसला
यह फैसला ऐसे समय आया है जब CBI ने कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। माना जा रहा है कि NTA का यह कदम परीक्षा प्रणाली में अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करने और भविष्य में किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को रोकने की दिशा में अहम साबित होगा।