कोलकाता: तारातला मामले की चार्जशीट में मंत्री फिरहाद हाकिम का नाम शामिल नहीं किए जाने को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह पूरी तरह पुलिस और जांच से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले की जांच के बाद जो उचित समझा, उसी के आधार पर चार्जशीट तैयार की है।
'पुलिस ने जांच के बाद जो समझा, वही किया'
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि चार्जशीट में किसका नाम शामिल किया जाए और किसका नहीं, यह जांच एजेंसी के अधिकार क्षेत्र का विषय है। उनके मुताबिक पुलिस ने जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की है और इस मामले को उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए।
देवव्रत मजूमदार के घर हमले पर भी बोले शमिक
वहीं, पूर्व विधायक देवव्रत मजूमदार के घर पर कथित हमले और कई सीपीएम पार्टी कार्यालयों में हुई तोड़फोड़ को लेकर सीपीएम की ओर से उठाए गए सवालों पर भी शमिक भट्टाचार्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सीपीएम के बयान से बीजेपी के रुख पर कोई असर नहीं पड़ता।
'सीपीएम को लोकतंत्र की बात करने का अधिकार नहीं'—शमिक
शमिक भट्टाचार्य ने सीपीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी पर अतीत में राजनीतिक हिंसा, पार्टी कार्यालयों पर कब्जे और बूथ कब्जाने जैसे आरोप लगते रहे हैं, वह आज लोकतंत्र की बात कर रही है। उन्होंने सीपीएम के रवैये की तुलना ऐसे व्यक्ति से की जो बिल्ली के सामने मछली न खाने की बात करता है।
'पार्टी कार्यालय तोड़ना बीजेपी कार्यकर्ता का काम नहीं'
हालांकि, शमिक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि किसी भी पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ करना या किसी के घर पर हमला करना बीजेपी कार्यकर्ताओं का काम नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर किसी पार्टी कार्यालय या घर पर हमला हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
देवव्रत मजूमदार से पुराने संबंध का किया जिक्र
देवव्रत मजूमदार के घर पर कथित हमले को लेकर शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि देवव्रत मजूमदार पहले बीजेपी में थे और बाद में तृणमूल कांग्रेस में चले गए। इसके बावजूद उनके परिवार से बीजेपी के पुराने संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवव्रत मजूमदार के पिता से भी बीजेपी का पुराना जुड़ाव रहा है। ऐसे में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा उनके घर पर हमला किए जाने की बात उन्हें स्वीकार्य नहीं है।