कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत ही अहम खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पश्चिम बंगाल के सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के अध्यक्ष पद में बड़ा बदलाव करते हुए अब वरिष्ठ और अनुभवी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नवीन प्रकाश को नया चेयरमैन नियुक्त किया है। राज्य के वित्त विभाग की तरफ से इस संबंध में संशोधित अधिसूचना भी जारी कर दी जा चुकी है।
अतनू चक्रवर्ती की जगह नवीन प्रकाश को कमान
इससे पहले सरकार ने 22 जुलाई को जो आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी, उसमें पूर्व केंद्रीय वित्त सचिव अतनू चक्रवर्ती को इस महत्वपूर्ण आयोग की कमान सौंपी गई थी। लेकिन अब राज्य सरकार ने अपने फैसले में संशोधन करते हुए पश्चिम बंगाल के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे नवीन प्रकाश को तुरंत प्रभाव से सातवें वेतन आयोग का अध्यक्ष बना दिया है। हालांकि, आयोग के बाकी अन्य सदस्यों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बढ़ीं उम्मीदें
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद से राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें एक बार फिर से परवान चढ़ने लगी हैं। पिछले काफी लंबे समय से बंगाल के लाखों कर्मचारी नए वेतन ढांचे, भत्तों और महंगाई भत्ते (DA) के मुद्दों को लेकर सरकार की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रहे थे। राज्य सरकार भी यह चाहती है कि मौजूदा चालू वित्त वर्ष के भीतर ही वेतन आयोग अपनी सिफारिशें सौंप दे ताकि उन्हें समय पर लागू किया जा सके।
अनुभवी प्रशासनिक सेवा का मिलेगा लाभ
जानकारों का मानना है कि प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सरकार कर्मचारियों के इन मुद्दों को बहुत संवेदनशीलता से संभाल रही है। नवीन प्रकाश का प्रशासनिक और नौकरशाही का लंबा अनुभव इस आयोग के कामकाज को रफ्तार देने में बेहद मददगार साबित होगा। फिलहाल, इस नियुक्ति के बाद पूरे राज्य के कर्मचारियों में एक सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है और हर किसी की निगाहें आयोग की आगामी बैठकों पर टिकी हैं।