कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राजरहाट स्थित आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने रंगदारी और कटमनी के मुद्दे पर अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वसूली में शामिल लोग 15 दिनों के भीतर सुधर जाएं, वर्ना उन्हें बता दिया जाएगा कि बीजेपी क्या चीज़ है।
'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति और पार्टी के भीतर 'बिच्युति' की स्वीकारोक्ति
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदुअधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने वसूली और भ्रष्टाचार के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है। हालांकि, कई इलाकों से बीजेपी का झंडा थामे नए कार्यकर्ताओं पर भी रंगदारी के आरोप लग रहे हैं। शमीक भट्टाचार्य ने माना कि कुछ जगहों पर 'बिच्युति' (गलतियां) हो रही हैं।
'रातों-रात बीजेपी बने नेताओं पर कसेगा शिकंजा'
शमीक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि रातों-रात तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए कुछ लोग इन गतिविधियों में लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन के स्तर पर इसे नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। तृणमूल जमानत का सिंडिकेट राज दो महीने में पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इसे जड़ से उखाड़ने की प्रक्रिया जारी है।
'अंडे थ्योरी' का ज़िक्र कर पार्टी कार्यकर्ताओं को चेतावनी
तृणमूल नेताओं पर हो रही पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी के दौरान उन पर अंडे फेंके जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए शमीक ने अपनी ही पार्टी को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि "अंडे थ्योरी" को याद रखें, क्योंकि अंडों का रुख बदलते समय नहीं लगता। उन्होंने 207 सीटों के बहुमत के अहंकार में न आने की सलाह दी।
तृणमूल का पलटवार: 'बयान ज़िम्मेदाराना, लेकिन ज़मीन पर असर नहीं'
दूसरी ओर, बेलेघाटा से तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने शमीक भट्टाचार्य के बयान को 'ज़िम्मेदाराना' बताया। हालांकि, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शमीक की बातें सुनने में अच्छी लगती हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ता उनकी बनाई रूपरेखा को नहीं मानते।