कोलकाता :पश्चिम बंगाल में बाल विवाह और नाबालिगों के प्रसव के मामलों पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नवान्न में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बाल विवाह रोकने के लिए राज्यभर में घर-घर अभियान चलाने की घोषणा की। सरकार ने साफ किया है कि नाबालिग की शादी कराने या इसमें सहयोग करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित करने की बात भी कही गई है।
बाल विवाह रोकने के लिए घर-घर अभियान
राज्य सरकार के मुताबिक केवल जागरूकता अभियान और चेतावनी से बाल विवाह पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है। इसलिए अब बाल विवाह के मामलों की पहचान करने के लिए घर-घर अभियान चलाया जाएगा।प्रशासन को बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और बाल विवाह प्रतिषेध कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने मामले सामने आने पर मुकदमा, गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई तेज करने का भी संदेश दिया है।
नाबालिग से शादी करने वाले पतियों को भेजा जाएगा नोटिस
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में नाबालिगों के प्रसव के मामले सामने आने के बाद संबंधित पतियों को शोकॉज नोटिस भेजने का फैसला किया गया है।सरकार के मुताबिक इन लोगों को एक महीने के भीतर यह साबित करना होगा कि पत्नी की उम्र शादी के लिए कानूनी रूप से निर्धारित 18 वर्ष और पुरुष की उम्र 21 वर्ष थी। उम्र का वैध प्रमाण पेश करने में असफल रहने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।सरकार ने यह भी कहा है कि बाल विवाह कराने में परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
नाबालिग प्रसव के मामलों में मुर्शिदाबाद सबसे आगे
मुख्यमंत्री की ओर से साझा किए गए स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वर्ष के पहले छह महीनों में मुर्शिदाबाद में नाबालिगों के प्रसव के 12,855 मामले दर्ज हुए। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 12,585 और शहरी क्षेत्रों में 265 मामले बताए गए हैं।उम्र के हिसाब से 10 से 13 वर्ष की उम्र में 28, 13 से 15 वर्ष में 817 और 15 से 18 वर्ष की उम्र में 6,527 मामले दर्ज हुए। वहीं 18 वर्ष की उम्र में 5,483 मामले दर्ज किए गए।इसके बाद दक्षिण 24 परगना का स्थान है, जहां कुल 4,178 मामले दर्ज किए गए। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 4,063 और शहरी क्षेत्रों के 115 मामले शामिल हैं।दक्षिण 24 परगना में 10 से 13 वर्ष की उम्र में 5, 13 से 15 वर्ष में 244 और 15 से 18 वर्ष की उम्र में 1,969 मामले दर्ज किए गए।
सरकारी आंकड़ों में केवल संस्थागत प्रसव शामिल
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के आधार पर ये आंकड़े तैयार किए गए हैं। इनमें अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्रों में हुए संस्थागत प्रसव के मामले दर्ज हैं।ऐसे में स्वास्थ्य संस्थानों के बाहर हुए मामलों का पूरा रिकॉर्ड इन आंकड़ों में शामिल नहीं हो सकता। इसलिए वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि इसकी अलग से पुष्टि नहीं की गई है।
बाल विवाह कराने वालों पर भी होगी कार्रवाई
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह में सिर्फ शादी करने वाले जोड़े ही नहीं, बल्कि शादी कराने या उसमें सहयोग करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच होगी।बाल विवाह प्रतिषेध कानून के तहत दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि बाल विवाह कराने वाले परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित करने का कदम उठाया जाएगा।हालांकि, किन-किन योजनाओं पर यह प्रावधान लागू होगा, इसकी विस्तृत सूची अभी सामने नहीं आई है।
कई कर्मचारियों के वेतन और भत्ते बढ़ाने का ऐलान
बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा के साथ मुख्यमंत्री ने कई वर्गों के कर्मचारियों और सहयोगी कर्मियों के वेतन एवं भत्ते बढ़ाने की भी घोषणा की।
- डिप्टी रेंजर, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड का भत्ता 5,000 रुपये बढ़ेगा।
- वन सहायकों के वेतन में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
- प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के पैरा टीचरों का वेतन 5,000 रुपये बढ़ाया जाएगा।
- शिक्षाबंधु और स्पेशल एजुकेटर का भत्ता 5,000 रुपये बढ़ेगा।
- MSK और SSK सहायकों के लिए 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।
- मैनेजमेंट स्टाफ के लिए वेतन के अनुसार 5,000, 7,000 और 10,000 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।
- पूर्व विधायकों का मेडिकल भत्ता 6,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जाएगा।
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर सेवा केंद्र चलाने वाले विधायकों को केंद्र संचालन के लिए 30,000 रुपये प्रति माह दिए जाने की घोषणा की गई है।
सरकार के अनुसार वन विभाग से जुड़े भत्तों में बढ़ोतरी 1 अक्टूबर से और पैरा टीचरों के बढ़े हुए वेतन का लाभ 1 नवंबर से मिलेगा।
सितंबर को विधानसभा का विशेष सत्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 सितंबर को विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।इसके अलावा शिक्षा विभाग के 14 ऐसे समूहों को लेकर भी निर्णय की जानकारी दी गई, जिनके लिए बजट में अलग से प्रावधान नहीं था। सरकार ने इनके वेतन और भत्ते में भी बढ़ोतरी की घोषणा की है।बाल विवाह पर सख्ती और नाबालिग प्रसव के मामलों की निगरानी के साथ राज्य सरकार ने प्रशासनिक कार्रवाई तेज करने का संकेत दिया है। अब घर-घर अभियान के जरिए ऐसे मामलों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा।