कोलकाता:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच भवानीपुर सीट से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। निर्वाचन आयोग ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर सुरजीत राय को उनके पद से हटा दिया है। यह फैसला तृणमूल कांग्रेस द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद लिया गया है।
TMC की शिकायत बनी कार्रवाई की वजह
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग को भेजी अपनी शिकायत में सुरजीत राय को पद से हटाने की मांग की थी। पार्टी का आरोप था कि राय की नियुक्ति निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है।
TMC के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने 24 मार्च को मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में कहा था कि सुरजीत राय, जो 2011 बैच के WBCS अधिकारी हैं, पहले नंदीग्राम-II ब्लॉक में बीडीओ रह चुके हैं और उनकी नजदीकियां विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से बताई जाती हैं।
ममता बनर्जी ने भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस नियुक्ति पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि इस तरह के फैसले चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं और इसके पीछे राजनीतिक प्रभाव की आशंका है।
चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरजीत राय को उनके पद से हटा दिया। साथ ही राज्य सरकार से भवानीपुर के लिए तीन नए अधिकारियों का पैनल मांगा गया है, जिनमें से एक को नया रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया जाएगा।
हाई-प्रोफाइल सीट पर बढ़ी सियासत
भवानीपुर सीट इस बार राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक है। यहां से खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव मैदान में हैं, जबकि राजनीतिक तौर पर यह सीट बेहद संवेदनशील मानी जा रही है।
ऐसे में रिटर्निंग ऑफिसर को हटाने का फैसला चुनावी माहौल को और गर्म कर सकता है और इस सीट पर मुकाबला और दिलचस्प बन सकता है।
निष्कर्ष
भवानीपुर में हुए इस प्रशासनिक बदलाव से साफ संकेत मिलता है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने को तैयार है। अब सबकी नजर इस पर होगी कि नए रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति के बाद चुनावी समीकरण किस तरह बदलते हैं।