कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 207 सीटें जीतकर भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद भी राज्य में शांति बहाल नहीं हो पा रही है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही कोलकाता सहित विभिन्न जिलों से तोड़फोड़ और झड़पों की खबरें आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य प्रशासन को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
चुनाव आयोग के कड़े निर्देश
आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
तुरंत गिरफ्तारी:आयोग ने निर्देश दिया है कि जो लोग भी अशांति फैला रहे हैं, उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
निरंतर गश्त:राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और केंद्रीय बलों के महानिदेशक को जिला अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग करने को कहा गया है।
हिंसा में 4 की जान गई, पुलिस अधिकारी भी घायल
सोमवार रात से मंगलवार रात के बीच हुई चुनावी हिंसा में अब तक 4 लोगों की जान जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार, मृतकों में दो भाजपा और दो तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हैं। इसके अलावा, हिंसा रोकने के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी गोली लगी है।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
TMC का दावा: अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि तृणमूल के 400 से अधिक पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई है और कई दफ्तरों पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है।
BJP की चेतावनी: प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और सुकांत मजूमदार ने अपने कार्यकर्ताओं को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा का झंडा लेकर कोई भी हिंसा करेगा, तो उसे तुरंत पार्टी से निष्कासित किया जाएगा। भाजपा नेताओं का यह भी दावा है कि तृणमूल के लोग रातों-रात भगवा झंडा थामकर हिंसा फैला रहे हैं ताकि भाजपा को बदनाम किया जा सके।
प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं और जनता को संदेश दिया है कि 'बदला नहीं, बल्कि बदलाव होगा'। उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि नई सरकार सुचारू रूप से कार्य शुरू कर सके।