कोलकाता: बारुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद राज्य सरकार महिला सुरक्षा को लेकर और अधिक सख्त रुख अपनाने जा रही है। नवान्न महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जांच के लिए नई गाइडलाइन तैयार कर रहा है। इस गाइडलाइन का उद्देश्य साफ है—महिलाओं के खिलाफ अपराध की किसी भी शिकायत पर पुलिस बिना देरी तत्काल कार्रवाई करेगी और पूरे मामले की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।
शिकायत मिलते ही शुरू होगी पुलिस कार्रवाई
नई गाइडलाइन के अनुसार महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म, अपहरण या किसी भी तरह की हिंसा की शिकायत मिलते ही पुलिस को तुरंत सक्रिय होना होगा। यदि घटना की पूरी पुष्टि न भी हो, तब भी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर तत्काल जांच शुरू करनी होगी। शिकायत को लंबित रखना या कार्रवाई में देरी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एफआईआर में देरी नहीं, साक्ष्य जुटाने पर रहेगा जोर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अपराध की पुष्टि होते ही बिना समय गंवाए एफआईआर दर्ज की जाएगी। जांच के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य जरूरी प्रमाण तेजी से जुटाए जाएंगे, ताकि आरोपी के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया जा सके।
ऐसी चार्जशीट बनेगी कि आरोपी को न मिले राहत
नई व्यवस्था में पुलिस को निर्देश दिया जाएगा कि चार्जशीट पूरी तरह तथ्य और साक्ष्यों के आधार पर तैयार की जाए। कोशिश होगी कि आरोपी कानूनी तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर अदालत से राहत न पा सके। हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अधिकतम सजा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।
वरिष्ठ अधिकारी करेंगे हर मामले की निगरानी
महिला उत्पीड़न के हर संवेदनशील मामले की जांच पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग होगी। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या देरी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है। सरकार का मानना है कि इससे पीड़ितों को तेजी से न्याय दिलाने में मदद मिलेगी।