पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के सोनामुखी में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्तारूढ़ ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की राजनीति तुष्टीकरण की दिशा में जा रही है और इससे बंगाल की मूल पहचान प्रभावित हो रही है।
‘वोटबैंक की राजनीति से बदल रही डेमोग्राफी’
योगी ने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें वोटबैंक के लिए राज्य की जनसांख्यिकी (Demography) को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने बांग्लादेश में हालिया हिंसा का जिक्र करते हुए दावा किया कि इस मुद्दे पर भाजपा ने आवाज उठाई, लेकिन राज्य सरकार चुप रही।
‘माफिया और दंगाइयों पर सिर्फ BJP का नियंत्रण’
रैली में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले वहां भी अपराध और दंगों की स्थिति थी, लेकिन अब कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि माफिया और दंगाइयों से निपटने में भाजपा ही सक्षम है और यही मॉडल बंगाल में भी लागू किया जा सकता है।
‘बंगाल बदलाव की ओर बढ़ रहा’
योगी ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह राज्य स्वामी विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस जैसी महान हस्तियों की धरती है, लेकिन पिछले दशकों में विकास की रफ्तार प्रभावित हुई है।
‘सांस्कृतिक आयोजनों में बाधा का आरोप’
योगी ने आरोप लगाया कि राज्य में कुछ ताकतें दुर्गा पूजा और नवरात्र जैसे आयोजनों में बाधाएं उत्पन्न करती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मिलकर राज्य को उसकी पुरानी पहचान और गौरव दिलाने के लिए आगे आएं।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में योगी ने कांग्रेस, वामपंथ और टीएमसी पर एक साथ हमला बोलते हुए कहा कि इन दलों की नीतियों ने राज्य को पीछे धकेला है। उन्होंने जनता से आगामी चुनाव में सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की।