मुंबई: वाल्ट डिज्नी (Walt Disney) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के भारतीय संयुक्त उद्यम JioStar के प्रदर्शन में वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के दौरान अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। 27 जून को समाप्त हुई तिमाही में डिज्नी को भारतीय जॉइंट वेंचर से होने वाला घाटा मामूली रूप से घटकर 44 मिलियन डॉलर (लगभग $44 million) रह गया है, जो एक साल पहले इसी अवधि में 50 मिलियन डॉलर था।
नवंबर 2024 में डिज्नी के स्टार-ब्रांडेड टीवी चैनलों व डिज्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) का रिलायंस के वायाकॉम18 (Viacom18) के साथ विलय करके बनाए गए इस जॉइंट वेंचर में **रिलायंस की 56%, डिज्नी की 37% और बोधि ट्री सिस्टम्स की 7% हिस्सेदारी है।
ऑपरेटिंग रेवेन्यू और मुनाफे में रिकॉर्ड उछाल
वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में JioStar के परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) में 46.5 प्रतिशत का उछाल आया है। कंपनी का राजस्व FY25 के ₹21,044 करोड़ से बढ़कर ₹30,819 करोड़ हो गया।वहीं, कर पश्चात लाभ (PAT) में जबर्दस्त सुधार देखा गया। वित्त वर्ष 2024-25 में महज ₹18 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाने वाली कंपनी का मुनाफा FY26 में बढ़कर ₹3,145 करोड़ पहुंच गया है।
स्पोर्ट्स कॉन्ट्रैक्ट्स के प्रावधानों में कटौती
कंपनी ने खेल आयोजनों से जुड़े घाटे वाले सौदों (Onerous Sports Contracts) के लिए रखे जाने वाले प्रावधानों (Provisions) में भी बड़ी कमी की है। FY26 के अंत तक इस प्रावधान को ₹25,760 करोड़ से घटाकर ₹17,742 करोड़ कर दिया गया।कंपनी ने वर्ष के दौरान इस प्रावधान में से ₹28,018 करोड़ का उपयोग किया और कोई नया प्रावधान नहीं जोड़ा। JioStar के अनुसार, कुछ खेल आयोजन अनुबंध अभी भी घाटे वाले श्रेणी में हैं, क्योंकि उनसे मिलने वाले संभावित राजस्व की तुलना में उनकी लागत अधिक रहने का अनुमान है।
टाटा प्ले के प्रदर्शन में गिरावट
डिज्नी के अन्य भारतीय निवेश की बात करें तो टाटा संस और डिज्नी के 70:30 हिस्सेदारी वाले जॉइंट वेंचर टाटा प्ले (Tata Play) का शुद्ध घाटा (Net Loss) FY26 में बढ़कर ₹551 करोड़ हो गया है, जो इससे पिछले वर्ष ₹529 करोड़ था।इसके साथ ही डिजिटल और डीटीएच बाजार में आए बदलावों के कारण टाटा प्ले का राजस्व भी 13.5 प्रतिशत घटकर ₹4,082 करोड़ से ₹3,530 करोड़ रह गया है।