मुंबई- भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह शानदार तेजी देखने को मिली, जिसका सीधा फायदा देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों को मिला। सेंसेक्स में आई मजबूती के चलते टॉप-10 कंपनियों में से 9 का संयुक्त बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 2.15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया। इस दौरान भारती एयरटेल सबसे बड़ी लाभार्थी बनकर उभरी, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) अकेली ऐसी कंपनी रही, जिसे नुकसान का सामना करना पड़ा। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया।
सेंसेक्स की रफ्तार ने बढ़ाई निवेशकों की संपत्ति
बीते सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 1,274.95 अंक यानी 1.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। बाजार में आई इस मजबूती का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी साफ दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बेहतर रुख ने भारतीय बाजार को नई ऊर्जा दी। इसी वजह से बड़े निवेशकों ने बाजार में खरीदारी बढ़ाई और दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
भारती एयरटेल बनी सबसे बड़ी विजेता
टॉप-10 कंपनियों में सबसे ज्यादा फायदा भारती एयरटेल को हुआ। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 52,432 करोड़ रुपये से अधिक बढ़कर 11.62 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मूल्यांकन में 51,675 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए अपने मार्केट कैप में 26,553 करोड़ रुपये जोड़े। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मूल्यांकन में भी 22,464 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी दिखी मजबूती
लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का बाजार पूंजीकरण 21,929 करोड़ रुपये बढ़कर 5.79 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मार्केट कैप में 16,753 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जबकि एचडीएफसी बैंक ने करीब 11,949 करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज की। हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईसीआईसीआई बैंक के मूल्यांकन में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। इससे साफ है कि बैंकिंग, वित्तीय और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
TCS रही नुकसान उठाने वाली इकलौती कंपनी
जहां अधिकांश बड़ी कंपनियों ने तेजी दर्ज की, वहीं आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS को झटका लगा। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 12,699 करोड़ रुपये घटकर 7.69 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि नुकसान के बावजूद TCS देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल बनी हुई है और निवेशकों के बीच उसकी मजबूत स्थिति बरकरार है।
रिलायंस ने बरकरार रखा नंबर-1 का ताज
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपना शीर्ष स्थान कायम रखा। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, TCS, बजाज फाइनेंस, L&T, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला और मजबूत हो सकता है।