मध्यप्रदेश के लाखों राशन हितग्राहियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र परिवारों को अब अगस्त और सितंबर महीने का राशन एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
सरकार की योजना के अनुसार प्रदेश की सभी उचित मूल्य दुकानों में 15 अगस्त तक राशन का भंडारण पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 31 अगस्त तक पात्र हितग्राहियों को दो महीने का राशन वितरित कर दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि एक साथ राशन वितरण करने से लोगों को बार-बार दुकान तक जाने की परेशानी से राहत मिलेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी।
अंत्योदय और प्राथमिकता परिवारों को मिलेगा तय मात्रा में राशन
खाद्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वितरण व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अंत्योदय अन्न योजना के तहत आने वाले पात्र परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम राशन उपलब्ध कराया जाता है।
वहीं, प्राथमिकता परिवारों को प्रति सदस्य 5 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाएगा। इसके अलावा दोनों श्रेणी के परिवारों को एक-एक किलोग्राम नमक भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो सके और उन्हें राशन के लिए बार-बार उचित मूल्य दुकान के चक्कर न लगाने पड़ें।
बायोमेट्रिक सत्यापन से होगी वितरण प्रक्रिया
राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अगस्त और सितंबर महीने के राशन का अलग-अलग बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। हितग्राहियों को पीओएस (POS) मशीन के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाएगा।इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राशन सही व्यक्ति तक पहुंचे और वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो।
राशन परिवहन पर GPS से नजर
सरकार ने राशन परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत राशन के परिवहन की जीपीएस आधारित निगरानी की जाएगी। इसके माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि राशन वाहन समय पर निकले हैं या नहीं और खाद्यान्न उचित मूल्य दुकानों तक निर्धारित समय में पहुंच रहा है या नहीं। इससे आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है।
कालाबाजारी और अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य विभाग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राशन वितरण में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला, विकासखंड और दुकान स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी।यदि राशन वितरण में लापरवाही, कालाबाजारी, तकनीकी गड़बड़ी या हितग्राहियों के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लाखों परिवारों को मिलेगा सीधा फायदा
प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सरकारी राशन योजना का लाभ लेते हैं। दो महीने का राशन एक साथ मिलने से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुविधा होगी।सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से समय की बचत होगी, वितरण प्रक्रिया आसान बनेगी और खाद्यान्न उपलब्ध कराने की पूरी प्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी।