प्रदेश में सड़कों की कनेक्टिविटी ही विकास की रफ्तार बढ़ाने का बड़ा आधार है। इस कारण भाजपा सरकार ने पांच साल में छह एक्सप्रेस-वे बनाने का लक्ष्य रखा है। भाजपा ने संकल्प-पत्र में इन 6 एक्सप्रेस-वे के निर्माण का वादा भी किया। इसमें सबसे अहम 299 किमी लंबा अटल प्रोग्रेस वे है। इस एक्सप्रेस-वे के साथ अन्य हाईवे के बनने से विकास की गति तेज होगी। पत्रिका ने विशेषज्ञों के जरिए सरकार के लिए 100 दिन के कामकाज का रोडमैप बनाया है। इसके तहत सभी 6 एक्सप्रेस-वे का कम से कम 20% काम 100 दिन में पूरा हो सकता है।
सिंहस्थ के लिए अहम मालवा-निमाड़ पथ
2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए मालवा-निमाड़ विकास पथ अहम है। 450 किमी लंबा यह पथ मंदसौर, उज्जैन-इंदौर, बुरहानुपर को जोड़ेगा। इससे कई कनेक्टिंग नेटवर्क जुड़ेंगे। कनेक्टिंग मार्ग का काम चल रहा है। उज्जैन-इंदौर कनेक्टिंग रोड के लिए 5000 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट मंजूर हैं।
बजट अहम: पहले से इंतजाम जरूरी
सभी 6 एक्सप्रेस-वे के लिए बजट अहम है। इसलिए सबसे पहले जुलाई में होने वाले विधानसभा सत्र में ही मुख्य बजट में सभी एक्सप्रेस-वे के लिए बजट का प्रावधान करना होगा। पहले चरण में लागत का 30% बजट रखना होगा। भूमि अधिग्रहण व चिह्नांकन-आवंटन के लिए भी बजट का प्रावधान पहले करना होगा। यह काम 100 दिन में हो सकता है।
इसमें केंद्र से मिलने वाली मदद के लिए भी बजट प्रस्ताव भेजना होगा। विभागीय मंत्री-अफसरों की टीम को भी दिल्ली जाकर संबंधित केंद्रीय मंत्रियों की मदद लेनी होगी। संकल्प-पत्र में हाईवे के जिक्र होने के कारण केंद्रीय मदद का रास्ता खुलेगा।
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