परवलिया सड़क थाना इलाके के ग्राम तारासेवनिया मे संचालित आंचल बालगृह में मिली बालिकाओं ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अपने बयानों में उन्होंने बताया कि बालिकाओं से आश्रम की साफ-सफाई करावाई जाती थी। साथ ही ईसाई धर्म के अनुसार पूजा प्रार्थना करने हेतु उत्प्रेरित / बाध्य किया जाता था। बयान दर्ज करने के बाद रविवार को बाल गृह संचालक अनिल मैथ्यू के खिलाफ दर्ज FIR में धारा 3/5 धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम भी बढ़ा थी। साथ ही मैथ्यू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
आंचल बाल गृह का औचक निरीक्षण किया था
परवलिया सड़क थाना पुलिस के अनुसार, 4 जनवरी को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के दल ने आंचल बाल गृह का औचक निरीक्षण किया था। पता चला कि संस्था नियम विरुद्ध एवं अवैध रूप से संचालित हो रही थी। बाल संरक्षण अधिकारी रामगोपाल यादव की शिकायत पर बाल गृह के संचालक आरोपित अनिल मैथ्यू के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा-34,42 एवं 75 के तहत केस दर्ज किया गया था।
भवन की साफ सफाई एवं अन्य कार्य कराये जाते थे
मामले की जांच के दौरान बालिकाओं से पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि आंचल बाल गृह में उनसे भवन की साफ सफाई एवं अन्य कार्य कराये जाते थे। साथ ही ईसाई धर्म के अनुसार पूजा प्रार्थना करने हेतु उत्प्रेरित / बाध्य किया जाता था। जिस पर धारा 3/5 धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई। रविवार को गोविंदपुरा निवासी 49 वर्षीय अनिल पुत्र पीजे मैथ्यू को गिरफ्तार कर लिया गया।
जर्मनी से आता था बालिकागृह को फंड
बच्चों से बयान के बाद हुआ खुलासा। हिंदू देवी देवताओं की पूजा करने से रोका जाता था बालिका गृह में। ईसाई धर्म के पालन करने पर ही बच्चियों को दिया जाता था जोर। जर्मनी से आता था बालिकागृह को फंड। जर्मनी से कैसे आता था फंड और किस संस्थान से आता था फंड, इसकी की जा रही जांच।
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