2019 के लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा को छोड़कर शेष 28 सीटों पर भाजपा जीती थी। इस बार छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से भाजपा वरिष्ठ चेहरे को उतार सकती है। वहीं, संसदीय सीट भोपाल को लेकर भी निर्णय होगा।
विधानसभा चुनाव में इन क्षेत्रों से मिली हार
इधर, मध्यप्रदेश की 10 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। इनमें छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी सातों विधानसभा सीटें कांग्रेस ने जीती हैं। इसी तरह मुरैना की पांच, भिंड की चार, ग्वालियर की चार, टीकमगढ़ की तीन, मंडला की पांच, बालाघाट की चार, रतलाम की चार, धार की पांच और खरगोन लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में से पांच पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है।
भाजपा के लिए ये सीटें सुरक्षित
भाजपा अब लोकसभा चुनाव में हारी हुई विधानसभा सीटों को लेकर मंथन करेगी और लोकसभा चुनाव की दृष्टि से इन सीटों पर मजबूत पकड़ बनाने में जुटेगी। भाजपा के लिए खजुराहो, होशंगाबाद, देवास, इंदौर और खंडवा लोकसभा क्षेत्र सुरक्षित है, यहां सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को जीत मिली है।
11 जनवरी को होगी बैठक
लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर मध्यप्रदेश भाजपा की चिंतन बैठक 11 जनवरी को प्रदेश भाजपा कार्यालय में होगी। मोहन सरकार बनने के बाद भाजपा कोर ग्रुप की यह पहली बैठक होगी। इसमें सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी बैठक में उपस्थित रहेंगे। इसमें लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बूथ सशक्तिकरण की रणनीति के तहत बूथवार कार्ययोजना तय की जाएगी। बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद सहित कोर ग्रुप के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।
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