एमपी में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हिंदूवादी संगठन बजरंग सेना का कांग्रेस में विलय हो गया। विलय के बाद बजरंग सेना ने आरोप लगाया कि, भाजपा जनता के जनादेश को धोखा देकर प्रदेश की सत्ता में आई है और अपने रास्ते से भटक गई है। आपको बता दें कि, बजरंग सेना के नेता पूर्व मंत्री दीपक जोशी के करीबी हैं। कुछ महीने पहले ही जोशी ने बीजेपी का दामन छोडकर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
बजरंग सेना का विलय हुआ कांग्रेस में
आपको बता दें कि, हिंदूवादी संगठन बजरंग सेना का विलय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ की मौजूदगी में हुआ। विलय की घोषणा बीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनीश पटेरिया और समन्वयक रघुनंदन शर्मा ने की. जोशी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। वहीं इस दौरान बजरंग सेना के सदस्यों ने पीसीसी चीफ कमलनाथ को गदा व स्मृति चिह् भेंट किया और ‘जय श्रीराम' के नारे लगाए।शिवराज सिंह ने अब तक 20,000 से अधिक घोषणाएं की हैं
एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने इस विलय का स्वागत करते हुए आरोप लगाया कि, सीएम शिवराज सिंह चौहान खोखली घोषणाएं कर रहे हैं, क्योंकि चुनाव निकट आ रहे हैं। पीसीसी चीफ ने दावा किया है कि, सीएम शिवराज सिंह ने अब तक 20,000 से अधिक घोषणाएं की हैं जो अभी तक लागू नहीं हुईं। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, चौहान को अब महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों की याद आ रही है।Read More: रायसेन में‘सरकार’,करोड़ों के विकासकार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण
Comments (0)