मध्य प्रदेश में बाघों के संरक्षण के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने रातापानी वन्यजीव अभ्यारण्य को आधिकारिक तौर पर टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया। यह राज्य का आठवां टाइगर रिजर्व है, जहां लगभग 90 बाघ रहते हैं। यह फैसला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चल रही एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान आया है। यह PIL वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने दायर की थी। इसमें केंद्र सरकार और NTCA से मंज़ूरी मिलने के बावजूद रिजर्व की अधिसूचना में देरी को चुनौती दी गई थी।
रातापानी को मध्य प्रदेश का आठवां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। एनटीसीए से मंजूरी मिलने के बाद टाइगर रिजर्व घोषित होने में 17 साल का समय लगा है। मोहन सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया है।