त्यौहारी और चुनावी मौसम में प्याज की बढ़ती महंगाई सरकार के लिए भी चिंता का सबब बन रही है। खरीफ का नया प्याज आने के बाद प्याज के दामों में नरमी की उम्मीद है। हालांकि अब तक फसल आने में देरी की आशंका है। ऐसे में दीवाली के मौके पर महंगा प्याज उपभोक्ताओं को तो परेशान कर ही सकता है खेरची महंगाई दर को भी ऊपर ले जाएगा। लिहाजा सरकार ने अब प्याज की सरकारी बिक्री से ऊंचे हो रहे दामों में नरमी लाने का उपाय खोजा है।
सरकारी गोदाम में अब तक करीब 7 लाख टन प्याज का बफर स्टाक मौजूद है। केंद्र की ओर से इस स्टाक की बढ़ी मात्रा धीरे-धीरे देश के थोक बाजारों में बिक्री की जाएगी। इसमें दीवाली के आसपास तेजी आएगी। हालांकि इसकी शुरुआत कर दी गई है। करीब 1.7 लाख टन प्याज 16 राज्यों के बाजार में उतारा जा रहा है। इसमें दिल्ली-पंजाब, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक जैसे राज्य शामिल है लेकिन मध्य प्रदेश शामिल नहीं है। अगले चरण में दीवाली के पहले बड़ी खेप थोक बाजारों में उतारी जाएगी। ऐसे में दीवाली के आसपास प्याज के दामों में नरमी आने की उम्मीद है।
नवंबर अंत: में खरीफ का प्याज आ जाने लगेगा। ऐसे में खुद ब खुद प्याज के दाम नरम पड़ने की उम्मीद है। एक महीने के लिए सरकार ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। सरकारी कदमों को देखते हुए अब थोक बाजार भी प्याज में बहुत ज्यादा उछाल की उम्मीद नहीं कर रहा है। माना जा रहा है एक सप्ताह तक तेजी जारी रहने के बाद दामों में फिर से नरमी का रूख आएगा।
त्यौहारी और चुनावी मौसम में प्याज की बढ़ती महंगाई सरकार के लिए भी चिंता का सबब बन रही है। खरीफ का नया प्याज आने के बाद प्याज के दामों में नरमी की उम्मीद है। हालांकि अब तक फसल आने में देरी की आशंका है। ऐसे में दीवाली के मौके पर महंगा प्याज उपभोक्ताओं को तो परेशान कर ही सकता है खेरची महंगाई दर को भी ऊपर ले जाएगा। लिहाजा सरकार ने अब प्याज की सरकारी बिक्री से ऊंचे हो रहे दामों में नरमी लाने का उपाय खोजा है।
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