कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने वाले मंत्री कुंवर विजय शाह के मामले में जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया गया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इसका आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने सोमवार रात एसआईटी का गठन कर इसका आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जिसमें प्रमोद वर्मा, आईजी सागर जोन, कल्याण चक्रवर्ती, डीआईजी, एसएएफ, वाहिनी सिंह, एसपी, डिंडौरी शामिल हैं।
SIT टीम के सदस्य
- प्रमोद वर्मा, आईजी सागर रेंज- प्रमोद वर्मा 2001 बैच के आईपीएस हैं, फिलहाल वो सागर रेंज के आईजी हैं। फरवरी 2018 में उन्हें सागर का आईजी बनाया गया था। 2022 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्कृष्ट सेवा पदक दिया था।
- कल्याण चक्रवर्ती, डीआईजी, एसएएफ-2010 बैच के आईपीएस डी कल्याण चक्रवर्ती भोपाल में पुलिस मुख्यालय में एसएएफ के डीआईजी हैं। कल्याण चक्रवर्ती केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी गए थे। 2020 में उन्हें सीबीआई में एसपी बनाया गया था। वे खरगोन, दतिया के एसपी भी रह चुके हैं।
- वाहिनी सिंह, एसपी डिंडौरी- वाहिनी सिंह 2014 बैच की आईपीएस अफसर हैं, वर्तमान में डिंडौरी जिले की एसपी हैं। राजस्थान की रहने वाली वाहिनी सिंह की गिनती ईमानदार महिला पुलिस अफसरों में होती है। वाहिनी सिंह निवाड़ी जिले की एसपी भी रह चुकीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट गए थे मंत्री शाह
मंत्री विजय ने 12 मई को महू के रायकुंडा में एक कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताया था। इस बयान पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर का आदेश दिया था। 14 मई को महू के मानपुर थाने में मंत्री शाह पर एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसके खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई।
एसआईटी गठित करने का दिया था आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने के आदेश दिए थे। जिसमें कहा था कि इसमें तीन IPS अधिकारी शामिल होंगे। एक IG और बाकी दो SP लेवल के अफसर होंगे। इनमें एक अधिकारी महिला होना अनिवार्य होगा। सभी अफसर मध्य प्रदेश कैडर के हो सकते हैं, लेकिन राज्य के मूल निवासी नहीं होने चाहिए। SIT 28 मई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी।
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