एमपी के सीएम शिवराज सिंह ने ने लाडली बहना को लेकर कहा कि, मुख्यमंत्री लाडली बहना महज एक योजना नहीं है। यह एक सामाजिक क्रांति की कड़ी है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, यह सामाजिक क्रांति मैंने शुरू की थी 2006 में, लाडली लक्ष्मी योजना बनाकर। बेटा और बेटी में भेद न करें और बेटी वरदान बन जाए। इस योजना से लाडली लक्ष्मी योजना शुरू हुई थी। इसको हमने और बढ़ाया स्थानीय निकायों के चुनाव में 50% रिजर्वेशन बहन और बेटियों को दे कर उनको राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया।उसी का परिणाम है कि, आज बड़ी संख्या में मेयर हो, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत, सरपंच हों, अलग-अलग पदों पर, पार्षद बहने चुनकर आ रही हैं और स्थानीय सरकारे चला रही हैं।
2007 से हमने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रारंभ की थी
सीएम शिवराज ने आगे इस योजना के बारे में बताते हुए कहा कि, इसको हमने और आगे बढ़ाया था मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से ताकि बेटी का विवाह भी बोझ ना बने। साल 2007 से हमने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रारंभ की थी। उसको हमने और आगे बढ़ाया की बहन बेटियों के नाम से मकान, दुकान, संपत्ति भी आए, पहले पुरुषों के ही नाम होते थे। हमने यह किया कि, अगर बहनों के नाम रजिस्ट्री होगी तो रजिस्ट्री का शुल्क, स्टांप शुल्क लिया जाएगा केवल एक परसेंट। उसका परिणाम यह हुआ कि, कई पुरुष अब अपनी पत्नी के नाम पर रजिस्ट्री करवा देते हैं ताकि स्टांप शुल्क कम लगे, लेकिन हमारा काम हो जाता है कि, बहन और बेटियों के नाम संपत्ति अपने आप आ रही हैं।बहन-बेटियों के सशक्तिकरण के लिए हमने उठाए कई कदम
उन्होंने कहा कि, इसको हमने और आगे बढ़ाया था संबल योजना के माध्यम से जहां हमने तय किया था कि, बेटा-बेटी को जन्म देने वाली अगर गरीब और मजदूर बहन है तो जन्म के पहले 4000 और जन्म के बाद 12000 रुपए कुल मिलाकर16000 रुपए दिए जाएंगे। ऐसे एक नहीं अनेकों कदम मध्यप्रदेश में बहन बेटियों के सशक्तिकरण के लिए हमने उठाए हैं। सीएम शिवराज ने आगे अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा कि, साल 2017 में हमने एक कदम और उठाया था कि, अत्यंत गरीब और पिछड़ी जनजाति की गरीब बेगा, भारिया और सहरिया बहनों के खाते में 1000 हजार रुपए महीने डाले जाए ताकि बच्चों की देखभाल पर ठीक से ध्यान दे सके और छुट्टी जरूर दें जो अत्यंत आवश्यक है। जिंदगी के लिए वह पूरी कर सके।10 जून बहनों के खाते में डाले जाएंगे रुपए
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह ने पत्रकारों से चर्चा में आगे कहा कि, अब उससे एक और कदम हमने आगे बढ़ कर बनाई है, मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना जिसमें हमने सभी गरीब बहनों और निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके खाते में 1000 रुपए डालने का फैसला किया है। 10 जून को यह राशि हम बहनों के खाते में डालना प्रारम्भ करेंगे। यह एक श्रृंखला है ऐसा नहीं है कि, चुनाव देखा और कोई घोषणा कर दी। साल 2006 से लेकर आज तक लगातार अनेकों मोर्चों पर हमने मां, बहन और बेटी के सशक्तिकरण के लिए हमने काम किया है।Read More: चिराग पासवान का CM से सवाल, पूछा - नीतीश खुद इंजीनियर, फिर भी एक पुल 2 बार कैसे गिर गया
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