भोपाल में आयोजित आलमी तब्लीगी इज्तिमा का सोमवार को दुआ-ए-खास के साथ समापन हो गया। चार दिन तक चले इस आयोजन में देशभर से आए उलेमाओं ने तकरीर की और जमातियों को धार्मिक शिक्षा दी। इस साल आयोजन में 10 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। भोपाल में चल रहे आलमी तब्लीगी इज्तिमा के आयोजन को सफल बनाने के लिए इज्तिमा कमेटी और रेलवे ने जायरिनों के लिए विशेष इंतजाम किए।
दुआ-ए-खास और मौलाना सआद का संदेश
दुआ-ए-खास के पहले मौलाना सआद साहब ने जमात में निकलने वालों को विशेष ताकीद दी। उन्होंने कहा, "अकीदा तोड़ने से खराब हालात होंगे। नेक राह जो बताई है, उस पर चलने वाले बनो, तो तुम्हारी हर परेशानी खत्म हो जाएगी। आपसी रिश्तों को बेहतर बनाएं और सबके काम आएं।" उनका यह संदेश सभा में मौजूद हर व्यक्ति के लिए एक मार्गदर्शन था, जिसे सुनकर लोग एकजुट हो गए और उनके विचारों का पालन करने का संकल्प लिया।
इज्तिमा के मीडिया कोऑर्डिनेटर उमर हफीज ने जानकारी दी
इज्तिमा के मीडिया कोआर्डिनेटर उमर हफीज ने बताया कि पहले तीन दिनों में करीब 8 लाख लोग इस आयोजन में शामिल हुए थे। वहीं, आखिरी दिन 600 एकड़ में फैले इज्तिमा स्थल पर इतनी भीड़ हो गई कि कई लोगों को पार्किंग में शिफ्ट करना पड़ा। सुबह के समय तीन नई पार्किंग बनाई गईं और भीड़ बढ़ने पर इंडस्ट्रियल एरिया के पास खाली जगहों पर भी लोगों को बिठाया गया। उन्होंने बताया कि दुआ-ए-खास से पहले ही लोगों की संख्या करीब 10 लाख तक पहुंच चुकी थी।