मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।दरअसल, भोजशाला की सर्वे रिपोर्ट पर दर्ज किए गए दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया को लेकर मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने दलील दी कि एसआईआर सर्वे रिपोर्ट पर जवाब देने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
इंदौर बेंच में सुनवाई रोकने करने की मांग
मुस्लिम पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें वीडियोग्राफी और रंगीन तस्वीरों की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। साथ ही 2 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में प्रस्तावित सुनवाई पर रोक लगाने की मांग भी स्वीकार नहीं की।
हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में पहले ही दायर की थी केवीएट
इस मामले में हिंदू पक्ष के वकील विष्णुशंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट में केवीएट दाखिल कर रखी थी। इसके चलते अदालत ने कहा कि बिना हिंदू पक्ष को सुने याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता। आपत्ति के बाद कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को सीधे सुनने से इनकार करते हुए उन्हें हाईकोर्ट जाने को कहा।
इंदौर हाईकोर्ट में 19वें नंबर पर सूचीबद्ध है मामला
अब इस मामले की सुनवाई 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में होगी, जहां यह केस 19वें नंबर पर सूचीबद्ध है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले हाईकोर्ट वीडियो और अन्य साक्ष्यों को देखकर दोनों पक्षों की आपत्तियों पर विचार करे, ऐसे में फिलहाल शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।