प्रदेश के आसपास अलग-अलग इलाकों पर बनी मौसम प्रणालियों के कारण वातावरण में बड़ी मात्रा में नमी आ रही है। इसके चलते भोपाल सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल पिछले तीन-चार दिनों से बादल छाए हुए हैं। साथ ही साथ कोहरा भी बना हुआ है। बादल छाए रहने से रात का पारा सामान्य से अधिक बना हुआ है, वहीं धूप नहीं निकलने के कारण दिन में ठिठुरन बरकरार है। रविवार को भोपाल संभाग में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
ठंड से राहत नहीं
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले चौबीस घंटों के दौरान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक भोपाल शहर का अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा। साथ ही यह पिछले दिन के अधिकतम तापमान 19.9 डिग्री सेल्सियस से 1.1 डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के न्यूततम तापमान (14.2) के लगभग बराबर रहा। पिछले तीन दिन से भोपाल में रात का पारा 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक आज दिन का तापमान और लुढ़कते हुए 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।वेदर सिस्टम का असर
वर्तमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। गुजरात से पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवात तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश से होकर जा रही है। इसके अतिरिक्त अमीनी दीप से लेकर विदर्भ तक एक और द्रोणिका बनी हुई है, जो उत्तर मध्य महाराष्ट्र से होकर गुजर रही है। अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के कारण बड़े पैमाने पर नमी आ रही है। इस वजह से कोहरा एवं बादल बने हुए हैं। साथ ही कहीं-कहीं वर्षा भी हो रही है। मौसम का ऐसा मिजाज अभी दो दिन तक रह सकता है। उधर, आठ जनवरी को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में आने के बाद मौसम का मिजाज बदलने लगेगा।Read More: इंदौर में बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव - मकर संक्रांति पर एमपी में तीन से चार दिन मनाया जाएगा उत्सव
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