Bhopal: शिवराज सरकार आज अपने चौथे कार्यकाल का अंतिम बजट (वित्तीय वर्ष 2023-24) पेश करने जा रही है। जिसमें राज्य सरकार अपनी नई योजनाओं से वोटर्स का ध्यान अपनी ओर खीचेंगी। बता दें कि सरकार घोषणा (MP Budget 2023) करने के साथ लाड़ली बहना, प्रधानमंत्री आवास शहरी एवं ग्रामीण, नलजल योजना सहित बड़े वर्ग को प्रभावित करने वाली अन्य योजनाओं के लिए बजट का प्रविधान करेगी।
पहली बार पेश होने जा रहा ई-बजट
इस बार का बजट लगभग 3.20 लाख करोड़ रुपये का होने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश विधानसभा में पहली बार पेपरलेस बजट (ई-बजट) होगा। जहां वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा टैबलेट में पढ़कर बजट भाषण देंगे, तो विधायकों को भी टैबलेट दिए जाएंगे। वहीं अधिकारियों एवं अन्य को पेनड्राइव में बजट दिया जाएगा। विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में सुबह कैबिनेट की बैठक होगी। जिसमें बजट भाषण का अनुमोदन किया जाएगा। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में सरकार ने 2.79 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया था।
21 दिन चली विकास यात्रा से होगा फायदा!
मध्य प्रदेश (MP Budget 2023) में करीब 21 दिन चली विकास यात्रा के बहाने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मंत्रियों ने जनता की नब्ज टटोली है। स्थानीय स्तर पर कई कार्यों को मंजूरी दी गई है, तो बड़े वर्ग को प्रभावित करने वाली कई घोषणाएं भी की गई हैं। इन सभी घोषणाएं की पूर्ति के लिए बजट में राशि का प्रविधान किया जाएगा। इसमें सबसे बड़ी योजना लाड़ली बहना है।
ये घोषणाएं की गई
करीब सवा करोड़ महिलाओं को प्रभावित करने वाली इस योजना पर 12000 करोड़ रुपये सालाना खर्च होंगे। बजट में इस राशि का प्रविधान किया जाएगा। सरकार पांच लाख डिफाल्टर किसानों का ब्याज भी माफ करने जा रही है। इन किसानों ने विभिन्न बैंकों से कृषि ऋण लिया था, जो समय पर न चुका पाने के कारण डिफाल्टर हो गए। यह राशि पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक है। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के लिए भी बजट में राशि का प्रविधान किया जाएगा। इस योजना में बुजुर्ग यात्रियों को हवाई जहाज से मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज की यात्रा इसी माह से शुरू की जा रही है।
क्या खास रहेगा बजट में
बजट में प्रधानमंत्री (MP Budget 2023) आवास शहरी और ग्रामीण, नल-जल योजना, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवाओं को लिए प्रारंभ की गई स्वरोजगार योजना के लिए भी राशि का प्रविधान किया जा रहा है। विकासक (डबलपर) और भू-स्वामी के बीच होने वाले अनुबंध पर लगने वाले स्टांप शुल्क को भी सरकार कम करने जा रही है। वर्तमान में परियोजना की लागत का 2.5 प्रतिशत शुल्क लिया जा रहा है। ऐसे ही निम्न आय वर्ग को उसके लिए बनाए जाने वाले मकानों की रजिस्ट्री में भी छूट देने की तैयारी है। बजट भाषण में वित्त मंत्री इसकी घोषणा कर सकते हैं।
इन योजनओं पर हो रहा खर्च
प्रदेश में पिछले 23 साल में बजट में 20 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश सरकार ने 16 हजार करोड़ का बजट प्रस्तुत किया था। जबकि वर्ष 2022 में सरकार ने 2.79 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है।
बड़ा खर्च यहां (करोड़ में)
योजना/अन्य खर्च : बजट में संभावित प्रविधान
वेतन एवं भत्ते : 80 हजार करोड़
पेंशन : 32 हजार करोड़
ब्याज अदायगी : 34 हजार करोड़
पूंजीगत व्यय : 50 हजार करोड़
बिजली सब्सिडी : 26 हजार करोड़
सोशल इंजीनियरिंग योजनाओं के लिए : 16 हजार करोड़
अनुसूचित जाति वर्ग : 22 हजार करोड़
अनुसूचित जनजाति वर्ग : 32 हजार करोड़
प्रधानमंत्री आवास : 10 हजार करोड़
कृषि (सहकारिता, मछुआ, पशुपालन) : 45 हजार करोड़
सामाजिक पेंशन : तीन हजार करोड़
सड़क-पुल निर्माण : 7500 करोड़
सीएम राइज स्कूल : 1700 करोड़
ऊर्जा : 35000 करोड़
स्वास्थ्य : 10,380 करोड़
लाड़ली लक्ष्मी : एक हजार करोड़
मेधावी विद्यार्थी -- एक हजार करोड़
तीर्थदर्शन योजना -- 300 करोड़
एससी, एसटी, ओबीसी, घुमक्कड़-अर्द्धघुमक्कड़ छात्रवृत्ति -- 250 करोड़
(स्वास्थ्य, ऊर्जा, सामाजिक पेंशन, मेधावी विद्यार्थी योजना, तीर्थदर्शन, कन्या विवाह/निकाह योजना के बजट में वृद्धि संभावित)
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