छत्तीसगढ़ विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से हुई। सत्र के पहले ही दिन मंत्री गुरु खुशवंत साहेब अपने अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में रहे। वे विधायक ललित चंद्राकर के साथ पिंक ई-रिक्शा से विधानसभा पहुंचे। सदन परिसर में उनकी यह एंट्री आकर्षण का केंद्र बनी रही और महिला सशक्तिकरण का संदेश देती नजर आई।
महिला सशक्तिकरण का दिया संदेश
विधानसभा रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिंक ई-रिक्शा योजना महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
'पिंक ई-रिक्शा योजना से महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर'
मंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिल रहा है और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को स्थायी रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रदेशवासियों से की पिंक ई-रिक्शा का उपयोग करने की अपील
गुरु खुशवंत साहेब ने प्रदेश के लोगों से अधिक से अधिक पिंक ई-रिक्शा का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक इन ई-रिक्शाओं में सफर करेंगे तो इन्हें चलाने वाली "पिंक दीदियों" की आय बढ़ेगी और उन्हें नियमित रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी से भी मजबूत होता है।
विधानसभा सत्र में सरकार और विपक्ष आमने-सामने
मानसून सत्र के साथ ही प्रदेश की राजनीति भी गर्म हो गई है। पांच दिन तक चलने वाले इस सत्र में सरकार नौ संशोधन विधेयक पेश करेगी। वहीं विपक्ष किसानों की समस्याओं, नकटी गांव विवाद, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
चर्चा में रही पिंक ई-रिक्शा से एंट्री
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पिंक ई-रिक्शा से एंट्री पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। इसे महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और राज्य सरकार की पिंक ई-रिक्शा योजना को बढ़ावा देने के प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देखा गया।