मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे अभिमान हैं और उनके सम्मान व समृद्धि के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। प्यासे खेतों तक पानी पहुंचाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है, जिसे हर खेत तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराकर शीघ्र ही पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास में किसानों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पार्वती–कालीसिंध–चंबल, केन–बेतवा नदी जोड़ो और ताप्ती ग्राउंड वॉटर रिचार्ज मेगा परियोजना पर तेज़ी से कार्य जारी है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्रदेश का अधिकांश कृषि क्षेत्र सिंचाई के दायरे में आ जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 56 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित है, जिसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गांव और हर खेत तक बिजली और पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार का संकल्प है। इस अवसर पर राजगढ़ जिले की सारंगपुर तथा रायसेन जिले की भोजपुर और उदयपुरा विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और किसानों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत कर आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी 2026 को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों के किसानों के हित में लगभग 900 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी।
मध्यप्रदेश नर्मदा, चंबल, बेतवा, ताप्ती और क्षिप्रा जैसी नदियों से समृद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और सिंचाई के महत्व को भली-भांति समझते हैं। मध्यप्रदेश नर्मदा, चंबल, बेतवा, ताप्ती और क्षिप्रा जैसी नदियों से समृद्ध है, जो प्रदेश की कृषि के लिए जीवनरेखा हैं। सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों स्व. सुंदरलाल पटवा, सुश्री उमा भारती और शिवराज सिंह चौहान के किसान कल्याण और सिंचाई विकास में योगदान का स्मरण किया।
तीन विधानसभा क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा राजगढ़ और रायसेन जिलों में कुल 898.42 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
- सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में मोहनपुरा विस्तारीकरण परियोजना से 26 गांवों की 11,040 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे 10,400 किसान परिवार लाभान्वित होंगे।
- भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में सुल्तानपुरा उद्वहन परियोजना से 20 गांवों की 5,700 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी और 3,100 किसान परिवारों को लाभ होगा।
- उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में बारना उद्वहन परियोजना से 36 गांवों की 15,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे 6,800 किसान परिवार सीधे लाभान्वित होंगे।
जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार
अभिनंदन समारोह में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भागीरथ की तरह प्रदेश में खेत-खेत तक सिंचाई का संकल्प लिया है। राज्यमंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने वादों को हमेशा निभाते हैं। पूर्व मंत्री एवं भोजपुर विधायक श्री सुरेन्द्र पटवा ने भी किसानों को मिली इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और लगभग 300 किसान उपस्थित रहे।
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