रायपुर। रायपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026’ के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम मुख्य रूप से जनजातीय युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचाने, प्रोत्साहित करने और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन अवसर प्रदान करने का अवसर है।
मंत्री ने इस पहल को केवल खेल आयोजन नहीं बल्कि खेल के माध्यम से सामाजिक मजबूती, आत्म‑विश्वास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियाँ युवाओं को सकारात्मक दिशा में जोड़ेंगी और भारतीय खेल संस्कृति के गहन मूल्यों को जीवंत करेंगी।
पहला संस्करण: छत्तीसगढ़ से शुरुआत और बड़े स्तर पर भागीदारी
‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का पहला संस्करण छत्तीसगढ़ (रायपुर सहित जगदलपुर, सरगुजा ) में 25 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लगभग हजारों प्रतिभागी शामिल हैं। इसमें कई खेलों जैसे एथलेटिक्स, तैराकी, कुश्ती, भारोत्तोलन, फुटबॉल, हॉकी सहित अन्य प्रतियोगिताएँ आयोजित हो रही हैं।
मंत्री ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि टैलेंट की पहचान और उसे राष्ट्रीय खेल ढांचे से जोड़ना है। चयनित खिलाड़ियों को सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों और राष्ट्रीय कोचिंग सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
टैलेंट की खोज से लेकर प्रशिक्षण तक-अवसरों का विस्तार
खडसे ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से दूर‑दराज के इलाकों में छुपी प्रतिभाओं का पता चलेगा और उन्हें बेहतरीन प्रशिक्षण एवं संसाधन तक पहुंच मिलेगा, जिससे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव में एक चैंपियन तैयार हो, और खेल के माध्यम से समाज की सहभागिता और समग्र विकास को भी बढ़ावा मिले।
प्रतियोगिता का वर्तमान परिदृश्य और परिणाम
- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन में अब तक कई दिलचस्प प्रदर्शन देखने को मिले हैं:
- बैलेन लॉन्ग रेस, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में युवा खिलाड़ियों ने पदक जीते हैं।
- असम की पल्लवी पायेंग ने भारोत्तोलन में सिल्वर मेडल जीता।
- कई राज्यों के एथलीटों ने एथलेटिक्स, तैराकी और अन्य स्पर्धाओं में उच्च प्रदर्शन किया है।
- महिला फुटबॉल के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले भी रोमांचक रहे।
इन परिणामों से स्पष्ट होता है कि यह आयोजन प्रतिभा की खोज और राष्ट्रव्यापी खेल प्रतिभा को उभारने का एक बड़ा मंच बनता जा रहा है।
महिला खिलाड़ियों और मुख्यधारा में भागीदारी
खडसे ने विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए जिला‑स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी जोर देकर बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि 8 मार्च को महिलाओं के लिए विशेष खेल आयोजन भी सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिससे महिला प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला।
सरकार का व्यापक उद्देश्य
मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है:
- सुदूर अंचलों व आदिवासी युवा प्रतिभाओं को खेल के माध्यम से सशक्त बनाना
- खेल को सामाजिक एकता, आत्म‑विश्वास और राष्ट्रीय पहचान का जरिया बनाना
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खेल क्षमताओं को मजबूत करना
- कुल मिलाकर, ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ जनजातीय युवाओं के लिए एक बड़ा मंच बनकर उभर रहा है, जो उनके खेल कौशल को निखारने और देश के लिए नई खेल प्रतिभाएं तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।