भोपाल।मध्यप्रदेश वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल के तहत समीता राजौरा को प्रदेश की नई प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) यानी मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक नियुक्त किया गया है। वह अभी तक मप्र लघु वनोपज संघ में प्रबंध संचालक (MD) के पद पर कार्यरत थीं। सरकार के इस फैसले को वन विभाग में प्रशासनिक संतुलन और अनुभव आधारित नियुक्ति के तौर पर देखा जा रहा है।
राजौरा को बड़ी जिम्मेदारी
समीता राजौरा को वन्य जीव संरक्षण से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण पदों में से एक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह अहम पद दिया है। उनके स्थान पर अब अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) मुख्यालय में पदस्थ कमोलिका मोहन्ता को मप्र लघु वनोपज संघ का प्रबंध संचालक बनाया गया है। खास बात यह है कि एपीसीसीएफ स्तर के अधिकारी को पहली बार इस पद पर नियुक्त किया गया है, जो इस निर्णय को और महत्वपूर्ण बनाता है।
विभाष कुमार ठाकुर को नई पोस्टिंग
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं विस्तार) मुख्यालय में पदस्थ विभाष कुमार ठाकुर को अब अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बनाया गया है। वहीं, वन विकास निगम में पदस्थ अर्चना शुक्ला को अनुसंधान एवं विस्तार की जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों के जरिए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर नई कार्यशैली और समन्वय स्थापित करने की कोशिश की है।
वरिष्ठता और अनुभव को प्राथमिकता
सूत्रों के अनुसार, विभाष कुमार ठाकुर का नाम वन बल प्रमुख के लिए भी चर्चा में था, लेकिन सरकार ने इस पद के लिए शुभरंजन सेन को जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक के पद के लिए समीता राजौरा के अलावा बीएस अन्नीगिरी का नाम भी सामने आया था। अंततः सरकार ने वरिष्ठता और अनुभव को प्राथमिकता देते हुए इन नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया।