राजधानी रायपुर में शादी के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। एक सेवानिवृत्त टेक्निशियन को रेलवे इंजीनियर बनकर ठगों ने अपने जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर करीब 9 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। मामले का खुलासा करते हुए रायपुर पुलिस ने उड़ीसा के बलांगीर से तीन अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मैरिज ब्यूरो के जरिए हुई पहचान
पुलिस के अनुसार मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है। पीड़ित मनहरण टिकरिहा की पहचान दिल्ली के एक मैरिज ब्यूरो के माध्यम से खुद को 'रजनी शर्मा' बताने वाली महिला से हुई। महिला ने खुद को कोरबा निवासी और रेलवे इंजीनियर से सेवानिवृत्त बताया। बातचीत के दौरान दोनों के बीच विश्वास बढ़ा और शादी की बात आगे बढ़ने लगी।
इलाज और शादी की तैयारियों के नाम पर मांगे रुपये
जांच में सामने आया कि ठगों ने शादी की तैयारियों, पारिवारिक कार्यक्रम, सड़क दुर्घटना और इलाज जैसी अलग-अलग कहानियां गढ़कर पीड़ित से कई बार पैसों की मांग की। 15 जून 2025 से 9 जनवरी 2026 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 9 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
महिला की आवाज में बात कर जीतते थे भरोसा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य महिला की आवाज में बात कर पीड़ित का विश्वास जीतते थे। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग बहाने बनाकर रकम ऐंठते रहे। लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण पीड़ित को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।
उड़ीसा के बलांगीर से तीन आरोपी गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा आजाद चौक पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर उड़ीसा के बलांगीर में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान जसवंत डूण्डी, मनोज राणा और यश नायक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों को रायपुर लाकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अन्य सदस्यों और रकम की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। साथ ही ठगी की रकम के लेन-देन, बैंक खातों और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।