रायपुर पुलिस द्वारा असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कालचक्र’ चलाया गया। इस अभियान के तहत नॉर्थ जोन क्षेत्र में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक कार्रवाई की गई।
तड़के छापेमारी, कई थानों की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के दिशा-निर्देश में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। तड़के सुबह संवेदनशील इलाकों में औचक रेड कर चाकूबाजों, गुंडा-बदमाशों, निगरानी बदमाशों और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
60 आरोपियों को थाने बुलाकर दी गई चेतावनी
अभियान के दौरान खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह थाना क्षेत्रों से कुल 60 आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को थाने बुलाकर उनकी परेड कराई गई और सख्त हिदायत दी गई।
आर्म्स और आबकारी एक्ट में कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान 3 आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। वहीं 48 पौवा देशी शराब के साथ 1 आरोपी पर आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अलावा 20 आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की गई।
फरार वारंटियों पर शिकंजा
विशेष अभियान में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों पर भी बड़ी कार्रवाई की गई। कुल 14 स्थायी वारंट, 41 गिरफ्तारी वारंट और 37 जमानती वारंट तामिल कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
14 फरार मामलों का भी हुआ निराकरण
पुलिस ने ऐसे 14 प्रकरणों का भी निष्पादन किया, जिनमें आरोपी लंबे समय से फरार थे। इससे लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आई है।
अपराधियों में मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का प्रयास
पुलिस के अनुसार ‘ऑपरेशन कालचक्र’ का मुख्य उद्देश्य अपराधियों में भय और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना, संगठित अपराध पर रोक लगाना और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखना है।
पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस ने सभी असामाजिक तत्वों को चेतावनी दी है कि वे आपराधिक गतिविधियों से दूर रहें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।