रायपुर। वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए रायपुर रेल मंडल ने माल ढुलाई और यात्री सेवाओं में नई उपलब्धियां हासिल की हैं। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री दयानंद ने प्रेस वार्ता के माध्यम से इन उपलब्धियों की जानकारी मीडिया को दी।
माल लदान में 4% की वृद्धि
श्री दयानंद ने बताया कि रायपुर मंडल ने इस वर्ष 46.44 मिलियन टन माल लदान किया, जिससे करीब 4983 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत अधिक है, जो मंडल की मजबूत आर्थिक प्रगति को दर्शाता है।
26.6 मिलियन यात्रियों ने किया सफर
यात्री सेवाओं के क्षेत्र में भी मंडल ने बेहतर प्रदर्शन किया। वर्ष 2025-26 में करीब 26.6 मिलियन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया, जिससे 631 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
स्पेशल और भारत गौरव ट्रेनों का सफल संचालन
रेलवे ने 19 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के 195 ट्रिप सफलतापूर्वक संचालित किए। इसके अलावा 12 भारत गौरव ट्रेनों का भी संचालन किया गया, जिससे यात्रियों को विशेष सुविधाएं मिलीं।
यात्रियों के लिए नई सुविधाएं
मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई पहल की गईं—
- स्टेशनों पर हेल्थ बेस लाउंज और आपातकालीन चिकित्सा कक्ष
- नॉन-एसी स्लीपर कोचों में सैनिटाइज्ड बेड रोल
- फोटोकॉपी मशीन और पार्सल पैकिंग सेवाओं की शुरुआत
- अतिरिक्त कोच और विज्ञापन से बढ़ा राजस्व
इस वर्ष 60 अतिरिक्त कोच जोड़े गए। वहीं वंदे भारत और हमसफर ट्रेनों में विज्ञापन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित की गई।
डिजिटल सुविधाओं का विस्तार
रेलवे ने डिजिटल सेवाओं को भी बढ़ावा दिया, जिससे यात्रियों को बेहतर और तेज सेवाएं मिल सकें।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकास कार्य
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उरकुरा, भिलाई और भानुप्रतापपुर स्टेशनों का विकास किया गया है, जबकि सरोना स्टेशन का कार्य जल्द पूरा होने वाला है।
नई ट्रेन सेवा और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस और राजिम–रायपुर सेवा की शुरुआत की गई। साथ ही कई लेवल क्रॉसिंग को बंद कर रोड अंडर ब्रिज बनाए गए और चौथी रेल लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनकी लागत सैकड़ों करोड़ रुपये है।
शून्य दुर्घटना का रिकॉर्ड
रायपुर रेल मंडल ने वर्ष 2025-26 में शून्य ट्रेन दुर्घटना का रिकॉर्ड कायम कर सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
रेल मदद से बढ़ी यात्री संतुष्टि
श्री दयानंद ने बताया कि ‘रेल मदद’ प्लेटफॉर्म के जरिए हजारों यात्रियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया, जिससे यात्रियों की संतुष्टि दर में भी वृद्धि हुई है।