रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के एंथम सॉन्ग का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा ने मुख्यमंत्री को रायपुर साहित्य उत्सव में शामिल होने के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री साय ने रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देशभर के प्रबुद्ध साहित्यकारों, विचारकों और बुद्धिजीवियों का रायपुर में एकत्र होना अत्यंत सुखद और गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल साहित्यिक संवाद का सशक्त मंच बनेगा, बल्कि विविध साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से आमजन को भी साहित्य से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी में साहित्य, भाषा और विचार के प्रति रुचि जागृत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह एवं संयुक्त सचिव रवि मित्तल भी उपस्थित रहे।
23 जनवरी से होगा रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ
रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ 23 जनवरी को राजधानी रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। शुभारंभ समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सुबह 10:30 बजे से आयोजित होगा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा के साथ रंगकर्मी एवं अभिनेता श्री मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि होंगे।
तीन दिनों तक साहित्य, संवाद और संस्कृति का उत्सव
23 से 25 जनवरी तक आयोजित होने वाले इस साहित्य महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, पत्रकार और विचारक भाग लेंगे। उत्सव के दौरान — राष्ट्रीय पुस्तक मेला, ओपन टैलेंट मंच, पेंटिंग कार्यशाला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, फूड जोन का आयोजन किया जाएगा।
मुख्य मंच विनोद कुमार शुक्ल मंडप को उनकी स्मृति में सजाया गया है। साहित्यिक परिचर्चाओं एवं गोष्ठियों के लिए लाला जगदलपुरी मंडप, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप और अनिरूद्ध नीरव मंडप तैयार किए गए हैं।
प्रतिदिन होंगे 4 से 5 साहित्यिक सत्र
23 जनवरी को प्रथम सत्र लाला जगदलपुरी मंडप में समकालीन महिला लेखन, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में संवाद वन्देमातरम के अंतर्गत भारत के स्व जागरण का प्रवाह, अनिरूद्ध नीरव मंडप में डिजिटल साहित्य पर परिचर्चा के अंतर्गत प्रकाशकों के लिए चुनौती विषय पर परिचर्चा होगी।
- द्वितीय सत्र लाला जगदलपुरी मंडप में वाचिक परम्परा में साहित्य, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में कविता की नई चाल पर परिचर्चा, अनिरूद्ध नीरव मंडप में संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश शामिल होंगे।
- तृतीय सत्र लाला जगदलपुरी मंडप में काला पादरी में जनजाति विमर्श और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ का साहित्य अवदान विषय पर परिचर्चा होगी। अनिरूद्ध नीरव मंडप में स्मृति शेष स्व. विनोद कुमार शुक्ल साहित्य की खिड़कियां पर परिचर्चा होगी।
- चतुर्थ सत्र लाला जगदलपुरी मंडप में पुरातत्व: मौन साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में समय की समस्या: सेक्युलरिज्म पर संवाद होगा। अनिरूद्ध नीरव मंडप में काव्य पाठ राष्ट्रीय कवि संगम का आयोजन होगा। सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत विनोद कुमार शुक्ल मंडप में शाम 7 बजे से मनोज जोशी के चाणक्य नाटक का मंचन होगा।
24 जनवरी को प्रथम सत्र विनोद कुमार शुक्ल मंडप में राष्ट्र सेवा के सौ वर्ष पर संवाद और लाला जगदलपुरी मंडप में छत्तीसगढ़ के लोक गीत पर परिचर्चा आयोजित होगी।
- द्वितीय सत्र धार्मिक फिल्में और टेली धारावाहिकों का दौर पर संवाद और श्यामलाल चतुर्वेदी एकात्म मानवदर्शन समाज परिवर्तन का सूत्रधार पर परिचर्चा होगी।
- तृतीय सत्र विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारत का बौद्धिक विमर्श पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में राष्ट्रीय मीडिया में बहस के मुद्दे, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया और अनिरूद्ध नीरव मंडप पर साहित्य: उपनिषद से एआई तक पर परिचर्चा होगी।
- चतुर्थ सत्र विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारतीय ज्ञान परंपरा पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में 'डिजिटल युग के लेखक और पाठक' और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में 'साहित्य के झरोखे से इतिहास' पर परिचर्चा होगी।
- पंचम सत्र विनोद कुमार शुक्ल मंडप में 'माओवादी आतंक और लोकतंत्र', लाला जगदलपुर मंडप में 'डॉ. अंबेडकर - विचारपुंज की आभा', श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर और अनिरूद्ध नीरव मंडप में लुप्त होता बाल साहित्य पर चर्चा होगी। विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सांस्कृतिक कार्यक्रम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में काव्य पाठ होगा।
25 जनवरी को प्रथम सत्र विनोद कुमार शुक्ल मंडप में संविधान और भारतीय मूल्य पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में ट्रेवल ब्लॉग:पर्यटन के प्रेरक और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप पर नवयुग में भारत बोध पर परिचर्चा होगी।
- द्वितीय सत्र लाला जगदलपुरी मंडप में पत्रकारिता और साहित्य पर परिचर्चा, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नाट्यशास्त्र और कला परंपरा पर संवाद किया जाएगा।
- तृतीय सत्र विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सिनेमा और समाज तथा लाला जगदलपुरी मंडप में शासन और साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ का आयोजन होगा।
साहित्य प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक अवसर
रायपुर साहित्य उत्सव 2026 साहित्य, संस्कृति और विचारों के संगम के रूप में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
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