रायपुर। छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर त्याग, सत्य और धर्म की अमर परंपरा एक बार फिर नए वैभव के साथ साकार होने जा रही है। राजधानी रायपुर से सटे ऐतिहासिक नगर आरंग में 15 जनवरी से राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस ऐतिहासिक महोत्सव को प्रदेश के सांस्कृतिक मानचित्र पर एक “सांस्कृतिक मील का पत्थर” बनाने का श्रेय क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को दिया जा रहा है। उनके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और सशक्त आयोजन क्षमता ने इस महोत्सव को भव्यता और गरिमा दोनों प्रदान की है।
महोत्सव के संयोजक के रूप में गुरु खुशवंत साहेब ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास केवल सड़कों, भवनों और अधोसंरचना तक सीमित नहीं होता, बल्कि अपनी जड़ों, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को सहेजना भी उतना ही आवश्यक है। उनका मानना है कि राजा मोरध्वज की गाथा केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए त्याग, सत्य और धर्म का जीवंत प्रेरणास्रोत है।
महोत्सव की सूक्ष्म एवं सुव्यवस्थित योजना, भव्य शोभायात्रा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिलब्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास की सहभागिता इस आयोजन को ऐतिहासिक ऊंचाइयों तक ले जाने वाली है। आयोजन के माध्यम से न केवल स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं को मंच मिलेगा, बल्कि आरंग और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त प्रयास भी होगा।
राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा को नई पहचान देने के साथ-साथ प्रदेश के गौरव, इतिहास और परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी मंच बनकर उभर रहा है।
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