नई दिल्ली। वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए वर्ष 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। केंद्र सरकार ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को इसकी घोषणा की। चयन समिति की अनुशंसा पर चुने गए अनंत नाग को 22 सितंबर 2026 को गुजरात के केवड़िया में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
‘संकल्प’ से शुरुआत, ‘अंकुर’ से हिंदी सिनेमा में कदम
78 वर्षीय अनंत नाग का अभिनय सफर रंगमंच से शुरू हुआ। उन्होंने वर्ष 1973 में कन्नड़ फिल्म ‘संकल्प’ से फिल्मों में पदार्पण किया और श्याम बेनेगल की ‘अंकुर’ से हिंदी सिनेमा में पहचान बनाई। इसके बाद ‘मंथन’, ‘निशांत’, ‘भूमिका’ और ‘मिंचिना ओटा’ जैसी फिल्मों में भी काम किया।
अनंत नाग ने कन्नड़ के अलावा हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम और मराठी सहित कई भाषाओं की फिल्मों में अभिनय किया है। फिल्मों के साथ टेलीविजन पर भी उनकी मौजूदगी रही है। आर.के. नारायण की कहानियों पर आधारित धारावाहिक ‘मालगुडी डेज़’ उनके उल्लेखनीय टेलीविजन कार्यों में शामिल है।
वर्ष 2025 में मिला था पद्म भूषण
अनंत नाग को वर्ष 2025 में भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था। उनके नाम पांच फिल्मफेयर पुरस्कार और कर्नाटक राज्य के कई फिल्म पुरस्कार भी हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने अपने फिल्मी करियर के 50 वर्ष पूरे किए थे।
सिनेमा के साथ सार्वजनिक जीवन में भी रहे सक्रिय
अनंत नाग कर्नाटक विधान परिषद और विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1988 से 1994 तक विधान परिषद और 1994 से 1999 तक विधानसभा में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु शहर विकास राज्य मंत्री का पद भी संभाला।
भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है दादासाहेब फाल्के पुरस्कार
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च फिल्म सम्मान है। इसकी शुरुआत वर्ष 1969 में हुई थी और पहली बार अभिनेत्री देविका रानी को यह पुरस्कार प्रदान किया गया था। पुरस्कार में स्वर्ण कमल पदक, शॉल और नकद राशि दी जाती है।