भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क निर्धारण को व्यवस्थित करने के लिए म.प्र. प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति का गठन किया है। ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजकुमार आचार्य को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। समिति निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश और फीस से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने का काम करेगी।
तीन साल रहेगा समिति का कार्यकाल
सरकार की ओर से गठित इस समिति का कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित किया गया है। समिति निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया, शुल्क निर्धारण और उससे जुड़े नियामकीय मामलों की निगरानी करेगी।
कई विभागों के अधिकारी होंगे सदस्य
समिति में विधि, वित्त, चिकित्सा शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। अलग-अलग विभागों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से प्रवेश और शुल्क से जुड़े मामलों पर प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जा सकेंगे।
निजी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगी व्यवस्था
यह समिति राज्य के निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और शुल्क निर्धारण से संबंधित मामलों के लिए काम करेगी। सरकार का यह कदम निजी संस्थानों में फीस और प्रवेश प्रक्रिया को नियमन के दायरे में रखने से जुड़ा है।