सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में खुद को पाकिस्तानी अभिनेत्री बताने वाली नाजिया सनम ने एयरपोर्ट इमिग्रेशन काउंटर पर हुई बातचीत का जिक्र किया है। वीडियो सामने आते ही यह सवाल उठने लगे कि क्या ड्यूटी के दौरान इस तरह की अनौपचारिक बातचीत उचित है या नहीं। मामला तेजी से ट्रेंड करने लगा और यूजर्स दो खेमों में बंट गए।
इमिग्रेशन काउंटर पर हुई कथित बातचीत
नाजिया सनम का दावा है कि जब वह इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचीं, तो वहां मौजूद अधिकारी ने दोस्ताना और मजाकिया लहजे में बातचीत शुरू की। कराची से होने की जानकारी मिलने पर अधिकारी ने उर्दू में बात की और उनके पहनावे को देखकर यह भी पूछा कि क्या वह केबिन क्रू में काम करती हैं। महिला के अनुसार, बातचीत पूरी तरह हल्के-फुल्के अंदाज में हुई।
‘कुछ अलग और खास’ वाली टिप्पणी पर विवाद
वीडियो में नाजिया ने यह भी कहा कि अधिकारी ने उनसे मजाक करते हुए कहा कि जब तक वह अपना पेशा नहीं बताएंगी, तब तक उन्हें इंतजार करना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने यह टिप्पणी भी की कि वह कुछ अलग और खास लगती हैं। नाजिया का कहना है कि इस पर उन्होंने भी हंसी-मजाक में जवाब दिया और बातचीत वहीं खत्म हो गई।
कैप्शन ने डाला घी में आग
इस वीडियो को नाजिया सनम ने अपने X अकाउंट पर शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, ‘पाकिस्तानी लड़कियों के दीवाने हैं भारतीय।’ इसी लाइन के बाद मामला और गर्मा गया। कई यूजर्स ने इसे सामान्य मजाक बताया, जबकि कुछ ने इसे अनावश्यक सामान्यीकरण और भड़काऊ टिप्पणी करार दिया।
पेशेवर शिष्टाचार बनाम मानवीय व्यवहार
सोशल मीडिया पर बहस का मुख्य बिंदु यह बन गया कि इमिग्रेशन जैसे संवेदनशील विभाग में तैनात अधिकारियों को कितनी व्यक्तिगत छूट होनी चाहिए। एक वर्ग का मानना है कि सीमित और सम्मानजनक बातचीत मानवीय व्यवहार का हिस्सा है, जबकि दूसरा वर्ग कहता है कि ऐसी जगहों पर पूरी तरह औपचारिक और पेशेवर रवैया ही अपनाया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया ट्रायल का दौर
यह मामला अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पेशेवर जिम्मेदारी, निजी सीमाओं और सोशल मीडिया पर बयानबाजी के प्रभाव पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे अनावश्यक विवाद बता रहे हैं, तो कई इसे सिस्टम में अनुशासन की जरूरत से जोड़कर देख रहे हैं।
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