शहनाज गिल ने ‘बिग बॉस 13’ में अपने चुलबुले अंदाज और बेबाक व्यक्तित्व से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी। शो के दौरान उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई और वह दर्शकों की पसंदीदा प्रतिभागियों में शामिल हो गईं। कार्यक्रम के मेजबान सलमान खान ने भी उनके लोकप्रिय अंदाज को देखते हुए उन्हें ‘पंजाब की कैटरीना कैफ’ कहा था।
‘बिग बॉस’ के बाद शहनाज के सामने मनोरंजन जगत में आगे बढ़ने के कई अवसर आए। अभिनय और गायन के क्षेत्र में काम करने के साथ उन्होंने फिल्मों में भी अपनी जगह बनाने की कोशिश की। इसी दौरान उन्हें कई फिल्मों के प्रस्ताव मिले और उनका नाम बड़े कलाकारों वाली परियोजनाओं से भी जुड़ा।
फिल्म ‘100%’ के बंद होने पर बोलीं शहनाज
निर्देशक साजिद खान की फिल्म ‘100%’ भी शहनाज गिल से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल थी। इस फिल्म में जॉन अब्राहम, रितेश देशमुख और नोरा फतेही जैसे कलाकारों के साथ शहनाज के काम करने की चर्चा थी। हालांकि बाद में यह फिल्म आगे नहीं बढ़ सकी और बंद हो गई।
हाल ही में एक बातचीत में शहनाज से फिल्म के बंद होने और इस घटना से उनके करियर पर पड़े असर को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने इसे लेकर किसी तरह की निराशा जाहिर करने के बजाय कहा कि वह ऐसी चीजों को बहुत गंभीरता से नहीं लेतीं। उनके मुताबिक कई बार किसी फिल्म का न बनना ही बेहतर होता है।
‘फिल्म पूरी होने तक उसके बारे में बात नहीं करनी चाहिए’
शहनाज ने फिल्म के बंद होने को लेकर कहा कि जब तक कोई फिल्म पूरी तरह तैयार न हो जाए, तब तक उसके बारे में ज्यादा बात नहीं करनी चाहिए। उनका मानना है कि फिल्म निर्माण की प्रक्रिया के दौरान कभी भी परिस्थितियां बदल सकती हैं और किसी परियोजना का भविष्य निश्चित नहीं होता।
उन्होंने इस अनुभव को सहजता से लेते हुए कहा कि कभी-कभी किसी परियोजना का आगे न बढ़ना ही सही फैसला साबित होता है। उनके बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि अब वह अपने करियर में ऐसी परिस्थितियों को लेकर पहले की तुलना में अधिक व्यावहारिक नजरिया रखती हैं।
निजी रिश्तों के कारण मुफ्त में किया काम
शहनाज ने अपने करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक और अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक समय वह निजी रिश्तों और लोगों के साथ अपने समीकरणों के कारण बिना फीस लिए काम कर लेती थीं। उस समय उनके लिए रिश्ते और जुड़ाव आर्थिक पहलुओं से अधिक महत्वपूर्ण थे।
हालांकि समय के साथ उनका नजरिया बदला। उन्होंने महसूस किया कि पेशेवर दुनिया में अपने काम की कीमत समझना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के बाद उन्होंने मुफ्त में काम करने की आदत को छोड़ने का फैसला किया और अपने पेशेवर मूल्य को प्राथमिकता देना शुरू किया।
‘कोई आपको गंभीरता से नहीं लेगा’
शहनाज ने यह भी बताया कि मुफ्त में काम करने से कलाकार की पेशेवर छवि पर असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि अगर कोई व्यक्ति लगातार अपने काम की कीमत नहीं लेता, तो दूसरे लोग भी उसके पेशेवर योगदान को उसी गंभीरता से नहीं देखते।
उनकी यह सोच मनोरंजन उद्योग में काम करने वाले नए कलाकारों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देती है। रिश्तों और व्यक्तिगत समीकरणों का अपना स्थान है, लेकिन पेशेवर काम के लिए उचित मूल्य और सम्मान बनाए रखना करियर के लिहाज से जरूरी हो सकता है।
करियर में आगे बढ़ने के साथ बदली सोच
शहनाज गिल की यात्रा छोटे पर्दे की लोकप्रियता से आगे बढ़कर फिल्मों और संगीत तक पहुंची है। ‘बिग बॉस 13’ के बाद उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें मनोरंजन जगत में कई नए अवसर मिले। इस दौरान उन्हें अपने काम, पहचान और पेशेवर फैसलों को लेकर भी कई अनुभव हुए।
मुफ्त में काम करने से लेकर अपने काम की कीमत तय करने तक का उनका अनुभव इसी बदलाव को दर्शाता है। शहनाज अब अपने करियर को केवल लोकप्रियता के आधार पर नहीं, बल्कि पेशेवर पहचान और काम के उचित मूल्य के नजरिए से भी देखती हैं।
असफल परियोजना को भी मानती हैं सीख
‘100%’ के बंद होने को लेकर शहनाज की प्रतिक्रिया उनके बदले हुए नजरिए की एक और झलक देती है। किसी बड़ी फिल्म का हिस्सा बनने का अवसर मिलने के बावजूद उसके बंद हो जाने को उन्होंने व्यक्तिगत असफलता के तौर पर नहीं लिया। इसके बजाय उन्होंने इसे मनोरंजन उद्योग की अनिश्चित प्रक्रिया का हिस्सा माना।
शहनाज का कहना है कि जब तक फिल्म पूरी तरह तैयार न हो जाए, तब तक उसके बारे में निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। उनकी यह सोच बताती है कि वह अब अपने करियर में उतार-चढ़ाव को लेकर अधिक सहज और व्यावहारिक रवैया अपना रही हैं।