वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार तनाव और आर्थिक चुनौतियों के बीच बड़ा फैसला लेते हुए कृषि और औद्योगिक उपकरणों पर लगने वाले आयात शुल्क (टैरिफ) में कटौती की घोषणा की है। इस फैसले के तहत कई महत्वपूर्ण मशीनों पर टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इससे अमेरिकी किसानों, उद्योगों और विनिर्माण क्षेत्र को राहत मिलेगी, वहीं अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में भी इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
कृषि उपकरणों पर 10 प्रतिशत टैरिफ की कटौती
ट्रंप प्रशासन ने कृषि क्षेत्र को राहत देने के उद्देश्य से कंबाइन, हार्वेस्टर और अन्य कृषि मशीनरी पर लगने वाले आयात शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। सरकार का मानना है कि इससे कृषि उपकरणों की लागत कम होगी और किसानों को आधुनिक मशीनें अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हो सकेंगी। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार यह कदम कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में उठाया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे कृषि क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
औद्योगिक मशीनरी को भी मिली बड़ी राहत
नए फैसले के तहत बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट, मोबाइल इंडस्ट्रियल मशीनरी और अन्य भारी उपकरणों को भी कम टैरिफ दर का लाभ मिलेगा। अमेरिका के व्यापार समझौतों के दायरे में आने वाले देशों से आयात होने वाले इन उपकरणों पर अब 15 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लागत में कमी आ सकती है। साथ ही कई उद्योगों को मशीनरी खरीदने में आर्थिक राहत मिलेगी, जिससे उत्पादन गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
अमेरिकी स्टील और एल्यूमीनियम को बढ़ावा देने की रणनीति
ट्रंप प्रशासन ने घरेलू धातु उद्योग को मजबूत करने के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। जिन विदेशी निर्माताओं के उपकरणों में कम से कम 85 प्रतिशत अमेरिकी निर्मित स्टील या एल्यूमीनियम का उपयोग होगा, उन्हें आयात पर केवल 10 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। इसके लिए शर्त रखी गई है कि स्टील का उत्पादन और ढलाई अमेरिका में ही हुई हो तथा एल्यूमीनियम भी घरेलू स्तर पर पिघलाकर तैयार किया गया हो। सरकार का कहना है कि इससे अमेरिकी स्टील और एल्यूमीनियम उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा और घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
2027 तक लागू रहेगा नया प्रावधान
व्हाइट हाउस के अनुसार टैरिफ में की गई यह कटौती वर्ष 2027 तक प्रभावी रहेगी। सरकार का मानना है कि इस अवधि में उद्योगों को स्थिरता मिलेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर व्यापारिक प्रतिस्पर्धा, आपूर्ति श्रृंखला संबंधी चुनौतियां और भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में ट्रंप प्रशासन का यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था को गति देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
व्हाइट हाउस ने बताया फैसले का उद्देश्य
व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा कि आयातित स्टील, एल्यूमीनियम और तांबे पर लगाए गए टैरिफ का उद्देश्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, महत्वपूर्ण उद्योगों की आर्थिक मजबूती और घरेलू कारोबार को सस्ते विदेशी आयातों से होने वाले नुकसान से बचाना है। प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था के जरिए एक ओर घरेलू उद्योगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, वहीं दूसरी ओर आवश्यक मशीनरी और उपकरणों की लागत भी नियंत्रित रखी जाएगी।