दुबई: तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की विमान से जुड़े हमले के आरोपी को-पायलट की पहचान सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोपी की पहचान 29 वर्षीय हमाम अल-हमामी के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमाम के कथित कट्टरपंथी विचारों और गतिविधियों को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके थे। बताया जा रहा है कि उसके अपने देश ओमान में भी उस पर विमान उड़ाने को लेकर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद बाद में उसे दुबई की एयरलाइन फ्लाईदुबई में नौकरी मिल गई। अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और उसकी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कट्टरपंथी विचारों और गतिविधियों में रुचि का आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमाम अल-हमामी की कट्टरपंथी विचारधारा और उससे जुड़ी गतिविधियों में कथित तौर पर गहरी रुचि थी। बताया जा रहा है कि वह इस तरह के विचारों से जुड़े लेख और सामग्री पढ़ता और लिखता था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स को लेकर भी कई दावे सामने आए हैं। आरोप है कि वह आतंकी संगठन अल-कायदा के नेताओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था। इसके अलावा, वह धार्मिक रीति-रिवाजों का सख्ती से पालन करता था। इन गतिविधियों को लेकर उसके पेशेवर रिकॉर्ड पर भी असर पड़ा। हालांकि, सामने आई जानकारियों में इन आरोपों की पूरी पृष्ठभूमि और जांच का विवरण स्पष्ट नहीं है।
ओमान एयर में पहले करता था नौकरी
हमाम अल-हमामी पहले ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ओमान एयर में काम करता था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसके खिलाफ उग्रवाद से जुड़े होने के संकेत मिलने के बाद 2024 में उसे उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया था। इसके बाद उसे विमान उड़ाने की जिम्मेदारी नहीं दी गई। हालांकि, बताया जा रहा है कि उसे प्रशासनिक काम करने की अनुमति थी। यानी एयरलाइन से उसका पूरी तरह नाता नहीं टूटा था, लेकिन उसे पायलट के तौर पर काम करने से रोक दिया गया था। यह फैसला उसके कथित विचारों और गतिविधियों को लेकर सामने आया था। अब यही पुराना रिकॉर्ड उसकी फ्लाईदुबई में नियुक्ति के बाद चर्चा का विषय बन गया है।
ओमान में प्रतिबंध के बाद दुबई पहुंचा
ओमान में उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगने के बाद हमाम दुबई चला गया। यहां उसने फ्लाईदुबई एयरलाइन में नौकरी हासिल की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद वह एक बार फिर विमान संचालन से जुड़े पेशे में आ गया। इस घटनाक्रम ने उसकी पिछली नौकरी और नए नियोक्ता के बीच जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि फ्लाईदुबई को ओमान एयर में उसके पुराने रिकॉर्ड की जानकारी थी या नहीं। अगर जानकारी थी, तो उसके बावजूद उसे किस प्रक्रिया के तहत जिम्मेदारी दी गई, यह भी सवालों के घेरे में है। फिलहाल इस मामले में सामने आई जानकारियों के आधार पर ही कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
फ्लाईदुबई की भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
हमाम के पुराने रिकॉर्ड की जानकारी सामने आने के बाद फ्लाईदुबई की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। आम तौर पर किसी एयरलाइन में पायलट या को-पायलट की नियुक्ति से पहले उसके पिछले रोजगार और पेशेवर रिकॉर्ड की जांच की जाती है। इसमें उम्मीदवार के पुराने नियोक्ता से जानकारी लेना भी अहम माना जाता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या फ्लाईदुबई ने हमाम के ओमान एयर वाले रिकॉर्ड की पूरी जांच की थी। क्या एयरलाइन को उसके उड़ान प्रतिबंध के बारे में पहले से जानकारी थी, यह भी जांच का विषय है। इसी वजह से अब उसकी नियुक्ति प्रक्रिया और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मामले से जुड़े तथ्यों की पूरी तस्वीर सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भर्ती के दौरान किन प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।