नई दिल्ली/कोलकाता: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी भीषण भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की आग में अब भारतीय नाविक भी शिकार हो रहे हैं। ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में अमेरिकी सेना द्वारा वाणिज्यिक जहाजों (व्यापारिक जहाजों) पर किए गए सिलसिलेवार हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। इस गंभीर घटनाक्रम के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को अमेरिकी राजदूत को तलब किया है। वहीं, विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में एक और जहाज पर हमले की उड़ रही अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
मिसाइल हमले में सुलग उठा जहाज, 3 भारतीयों की मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को ओमान की खाड़ी में पलाऊ के झंडे वाले कमर्शियल जहाज 'एमटी सेट्टেবেल्लो' (MT Settebello) पर अमेरिकी सेना ने एक के बाद एक कई मिसाइलें दाग दीं। हमले के तुरंत बाद जहाज में भीषण आग लग गई। इस जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 24 भारतीय नाविक थे। आपातकालीन संदेश भेजे जाने के बाद 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश 3 भारतीय नाविकों की इस हमले में मौत हो गई।
एक हफ्ते में तीन जहाजों को बनाया निशाना
पिछले कुछ दिनों के भीतर अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में कुल तीन व्यापारिक जहाजों पर गोलाबारी की है:
पहला हमला (सोमवार): मैडागास्कर के झंडे वाले जहाज 'एमटी मारिवेक्स' (MT Marivex) पर हमला हुआ, जिसमें 24 भारतीय सवार थे। गनीमत रही कि इसमें किसी को नुकसान नहीं पहुंचा।
दूसरा हमला (बुधवार): 'एमटी सेट्टেবেल्लो' पर हुए इस हमले में 3 भारतीयों की जान चली गई।
तीसरा हमला (गुरुवार): ओमान के शिनास बंदरगाह के पास 'एमटी जलवीर' (MT Jalveer) नाम के जहाज पर हमला हुआ, जिसमें 20 भारतीय नाविक सवार थे, जो सुरक्षित हैं।
अमेरिका ने दी सफाई - क्यों किए हमले?
वाशिंगटन और अमेरिकी सेना ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए अपनी सफाई जारी की है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, उन्होंने इस समुद्री मार्ग पर सख्त सैन्य नाकेबंदी (अवरोध) लागू कर रखी है। इसके बावजूद ये जहाज अमेरिकी निर्देशों की अनदेखी कर ईरान के बंदरगाहों की तरफ आगे बढ़ रहे थे, जिसके कारण इन्हें निशाना बनाया गया।
भारत सरकार ने अमेरिकी राजदूत को किया तलब
इस संवेदनशील मुद्दे पर नई दिल्ली में सियासी और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारत सरकार ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे ‘बेहद चिंताजनक’ बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "पश्चिम एशिया में भारतीय नाविकों से जुड़ी ये घटनाएं गंभीर हैं। हम अपने नाकेबंदी और युद्ध क्षेत्रों में फंसे नाविकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।" इस सिलसिले में दिल्ली ने अमेरिकी राजदूत को तलब कर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
चौथे जहाज पर हमले की खबरों का खंडन
इस बीच मीडिया और सोशल मीडिया पर रिपोर्ट आ रही थी कि 'लियाकी फ्रीडम' (Lyaki Freedom) नामक एक और जहाज पर अमेरिकी हमला हुआ है, जिसमें कई भारतीय सवार हैं। इस विवाद पर विदेश मंत्रालय ने पूर्ण विराम लगा दिया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार ने जहाज के मुख्य अधिकारी से सीधा संपर्क किया है। उन्होंने पुष्टि की है कि जहाज पर ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है और सभी भारतीय क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं।