नई दिल्ली: फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग के बढ़ते ट्रेंड के बीच ज्यादातर लोग प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए महंगे सप्लीमेंट्स, प्रोटीन पाउडर और शेक्स का सहारा लेते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि रसोई में मौजूद साधारण चना भी प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है। खास बात यह है कि भीगे हुए चने न केवल किफायती होते हैं बल्कि शरीर को प्राकृतिक तरीके से ऊर्जा और पोषण भी प्रदान करते हैं। यही वजह है कि फिटनेस एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट भी इसे दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं।
एक कटोरी भीगे चने में कितना प्रोटीन होता है?
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार 100 ग्राम भीगे हुए चने में औसतन 15 से 17 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है। यदि कोई व्यक्ति एक बड़ी कटोरी यानी लगभग 150 से 200 ग्राम भीगे चने खाता है, तो उसे करीब 20 से 25 ग्राम तक प्रोटीन मिल सकता है। यह मात्रा कई प्रोटीन शेक्स के बराबर मानी जाती है। हालांकि चने का प्रोटीन प्लांट-बेस्ड होता है, इसलिए इसे संतुलित आहार के साथ लेने पर बेहतर परिणाम मिलते हैं।
जिम जाने वालों के लिए क्यों फायदेमंद है चना?
जिम करने वाले लोगों को मांसपेशियों की रिकवरी और विकास के लिए पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत होती है। भीगे चने शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देने के साथ-साथ मसल्स की मरम्मत और मजबूती में मदद करते हैं। इनमें मौजूद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और वर्कआउट के दौरान ऊर्जा बनी रहती है।
प्रोटीन के साथ मिलते हैं कई जरूरी पोषक तत्व
भीगे चने सिर्फ प्रोटीन ही नहीं बल्कि फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और विटामिन-B कॉम्प्लेक्स जैसे कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ये तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने, रक्त निर्माण में मदद करने और शरीर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
चना और गुड़ की जोड़ी क्यों मानी जाती है खास?
ग्रामीण भारत में लंबे समय से चना और गुड़ एक साथ खाने की परंपरा रही है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। चने में मौजूद आयरन के अवशोषण (Absorption) को गुड़ बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। साथ ही गुड़ शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, जबकि चना लंबे समय तक ताकत बनाए रखता है। यही कारण है कि कई खिलाड़ी और मेहनत करने वाले लोग चना-गुड़ का सेवन करते हैं।
वजन घटाने और बढ़ाने दोनों में मददगार
भीगे चने का सेवन लक्ष्य के अनुसार अलग-अलग तरीके से किया जा सकता है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह हाई-फाइबर और लो-फैट स्नैक है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। वहीं जो लोग वजन बढ़ाना चाहते हैं, वे चने को दूध और गुड़ के साथ खा सकते हैं, जिससे अतिरिक्त कैलोरी और पोषण मिलता है।
क्या चना शरीर को 'टोन' करने में मदद करता है?
फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित व्यायाम और संतुलित आहार के साथ चने का सेवन शरीर की मांसपेशियों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद फाइबर और पोषक तत्व मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करते हैं। हालांकि सिर्फ चना खाने से शरीर 'टोन' नहीं होता, इसके लिए नियमित एक्सरसाइज और संतुलित डाइट भी जरूरी है।
सिर्फ जिम वालों के लिए नहीं, हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद
भीगे चने बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सभी के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इनमें मौजूद आयरन एनीमिया की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है, जबकि कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों की मजबूती के लिए उपयोगी होते हैं। फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
भीगे चने खाने का सही तरीका
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चनों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह सेवन करना सबसे बेहतर माना जाता है। इन्हें सादा, नींबू और काला नमक मिलाकर या सलाद के रूप में भी खाया जा सकता है। यदि किसी को गैस या पाचन संबंधी समस्या हो तो मात्रा धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए।