नई दिल्ली- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर एक बार फिर योग के स्वास्थ्य लाभों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम माना जाता है। वर्षों से लोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए योग का सहारा लेते रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वास्तव में योग से गंभीर बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है? विभिन्न शोध और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय इस दिशा में सकारात्मक संकेत देती है।
योग शरीर और मन को कैसे पहुंचाता है लाभ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार योग किसी बीमारी का सीधा इलाज नहीं है और न ही यह दवाओं का विकल्प है। हालांकि, नियमित योग अभ्यास शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग के दौरान किए जाने वाले आसन, प्राणायाम और ध्यान तनाव को कम करने, शरीर की लचक बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। कई अध्ययनों में पाया गया है कि योग करने वालों की नींद बेहतर होती है, तनाव कम होता है और उनकी समग्र जीवनशैली अधिक स्वस्थ बनती है। यही कारण है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी योग को सहायक स्वास्थ्य पद्धति के रूप में स्वीकार कर रहा है।
डायबिटीज कंट्रोल में योग कितना कारगर?
कई वैज्ञानिक अध्ययनों में यह सामने आया है कि नियमित योग अभ्यास टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। शोध के अनुसार योग शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। योग तनाव को कम करता है, जिससे कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर घटता है और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। इसके अलावा योग वजन नियंत्रण में भी मदद करता है, जो डायबिटीज प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं और संतुलित आहार के साथ योग अपनाने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
दिल की बीमारियों से बचाव में भी मददगार है योग
योग को हृदय स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। कई रिसर्च रिपोर्ट्स बताती हैं कि नियमित योग करने से रक्तचाप नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और हृदय पर पड़ने वाला तनाव कम होता है। योग के दौरान नियंत्रित और गहरी श्वास लेने से तंत्रिका तंत्र शांत होता है, जिससे दिल की धड़कन और तनाव के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि योग मोटापा कम करने, शारीरिक सक्रियता बढ़ाने और मानसिक तनाव घटाने में मदद करता है, जो हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं।
तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिखता है सकारात्मक असर
योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शोध बताते हैं कि ध्यान और प्राणायाम जैसी योग प्रक्रियाएं तनाव, चिंता और अवसाद के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती हैं। नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति अधिक शांत, केंद्रित और सकारात्मक महसूस करता है। मानसिक स्वास्थ्य में सुधार का असर शरीर की अन्य प्रणालियों पर भी पड़ता है, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर बनता है।
विशेषज्ञों की सलाह- योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि योग का सबसे अधिक लाभ तभी मिलता है जब इसे नियमित रूप से किया जाए। केवल योग दिवस या कुछ दिनों के अभ्यास से स्थायी परिणाम नहीं मिलते। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने से शरीर और मन दोनों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति योग शुरू करने से पहले चिकित्सक या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।