बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन निगम द्वारा 20 साल पुराने क्रूज को क्लीन चिट दिए जाने पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लाइफ जैकेट व्यवस्था में लापरवाही के आरोप सामने आए हैं।
पुराने क्रूज की फिटनेस पर उठे सवाल
पर्यटन निगम का दावा है कि हादसे में शामिल क्रूज तकनीकी रूप से सुरक्षित था, लेकिन विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि दो दशक पुराने क्रूज की फिटनेस और मेंटेनेंस की गहन जांच क्यों नहीं की गई। नियमों के संभावित उल्लंघन के बावजूद क्लीन चिट दिए जाने से जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
लाइफ जैकेट अनिवार्य नहीं होने पर विवाद
निगम की ओर से यह कहा गया कि यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था। हालांकि, जल पर्यटन से जुड़े सुरक्षा मानकों के अनुसार, लाइफ जैकेट को बुनियादी सुरक्षा उपकरण माना जाता है। इस बयान को लेकर प्रशासन की आलोचना तेज हो गई है।
वाटर स्पोर्ट्स गाइडलाइन की अनदेखी के आरोप
हादसे के दौरान सुरक्षा गाइडलाइन का पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, यात्रियों को पर्याप्त सुरक्षा निर्देश नहीं दिए गए और आपात स्थिति में क्रू मेंबरों की प्रतिक्रिया भी प्रभावी नहीं रही।
वायरल वीडियो में दिखी अव्यवस्था
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लाइफ जैकेट वितरण की अव्यवस्था स्पष्ट दिखाई दे रही है। कई यात्रियों को समय पर जैकेट नहीं मिल सकी, जिससे हादसे के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जांच के दायरे में पर्यटन निगम
हादसे के बाद, लाइफ जैकेट उपलब्ध होने के बावजूद हुई मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, अब पर्यटन निगम की भूमिका और सुरक्षा प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की जा रही है।