भोपाल/इंदौर। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में बड़ी सौगात देते हुए 60 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया। उन्होंने अन्नपूर्णा रोड से रिंग रोड को जोड़ने वाले 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवनिर्मित मार्ग ‘अटल पथ’ का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने टिगरिया बादशाह मेन रोड से कुशवाह नगर होते हुए उज्जैन नाका-बाणगंगा तक बनने वाले लिंक रोड सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमि पूजन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्व. वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान और उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने इंदौर को दी 60 करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता, सेवा और सुशासन का सिरमौर है। इंदौर से मध्यप्रदेश में नई तकनीक और नवाचार की गंगा बह रही है। आज फिर यहां एक नया नवाचार देखने को मिला है। उन्होंने चिड़ियाघर में विकसित किए जा रहे आकर्षक नवाचारों के लिए सभी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा, लेकिन सरकार की हिस्सेदारी के साथ निजी सहभागिता से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
60 करोड़ से अधिक की 7 विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व पीएम वाजपेयी के नाम पर अटल पथ का लोकार्पण करते हुए उन्हें विशेष प्रसन्नता हो रही है। इंदौर में इच्छाशक्ति और जनभागीदारी से किए जा रहे विकास कार्य शहर को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने पूर्व पीएम वाजपेयी की प्रतिमा सहित लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से सात विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि पूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सुशासन और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से टिगरिया बादशाह मुख्य मार्ग से कुशवाह नगर होते हुए उज्जैन नाका तक बनने वाली सड़क सिंहस्थ के दौरान भी अत्यंत उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि इंदौर और उज्जैन में होने वाले विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए आने-जाने के सभी प्रमुख मार्गों का सुदृढ़ीकरण आवश्यक है। इसी क्रम में फूटी कोठी चौराहे से संत सेवालाल ब्रिज के सर्विस रोड का भी लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से भूमि पूजन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व पीएम वाजपेयी ने अपने शासनकाल में भारत को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव रखी। परमाणु शक्ति संपन्न भारत, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी अनेक योजनाएं उनके दूरदर्शी नेतृत्व की देन हैं। उन्होंने नदी जोड़ो अभियान का सपना भी देखा था, जिसे अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बड़े क्षेत्र को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा के पानी ने मालवा-निमाड़ और इंदौर क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। पूर्व पीएम वाजपेयी की उपस्थिति में इंदौर में नर्मदा जल आने का उत्सव मनाया गया था। आज नर्मदा का पानी पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक गतिविधियों के लिए क्षेत्र के विकास का आधार बन चुका है।
इंदौर को मिल रही आधुनिक कनेक्टिविटी की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर महानगर के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के साथ भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र और अब जबलपुर तथा ग्वालियर को भी आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। इंदौर को अंतर्राष्ट्रीय विमानतल का दर्जा मिलने से वैश्विक कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। अबूधाबी के लिए नियमित उड़ानों के साथ आने वाले समय में अन्य अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी। इंदौर-उज्जैन मार्ग के सुदृढ़ीकरण, इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना और दिल्ली मार्ग से इंदौर की सीधी रेल कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाएं आने वाले समय में शहर की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगी। इंदौर-पीथमपुर आर्थिक कॉरिडोर सहित विभिन्न परियोजनाओं से रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
ओंकारेश्वर-महाकाल दर्शन के लिए हेलीकॉप्टर सेवा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर से ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होना धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है। श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर से दोनों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के साथ स्थानीय परिवहन और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह मालवा के आतिथ्य और पर्यटन विकास की नई पहचान बन रहा है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में लगभग 2700 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं। धार्मिक पर्यटन के साथ अधोसंरचना के विकास से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों को नई आर्थिक संभावनाएं मिलेंगी। उन्होंने वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किए जा रहे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि वंदे मातरम् भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। हजारों क्रांतिकारियों ने वंदे मातरम् का उद्घोष करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान तथा उनकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यक्रम में "जागो सन्यासी जागो" पुस्तिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान लाडली बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी भी बांधी।
पुष्प वर्षा कर नागरिकों ने जताया आभार
अटल पथ पर मुख्यमंत्री खुली जीप में सवार होकर जनता का अभिवादन करते हुए मुख्य मंच तक पहुंचे। मार्ग के दोनों ओर खड़े होकर तथा घरों से बड़ी संख्या में मौजूद क्षेत्रीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया। सड़क निर्माण की सौगात मिलने पर नागरिकों ने पुष्प वर्षा के माध्यम से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। पूरे मार्ग में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
अटल जी की विचारधारा सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अटल पथ का निर्माण और उसका भूमि पूजन करना गौरव की बात है। अटल पथ पर चलना तो आसान है, लेकिन पूर्व पीएम वायपेयी के बताए मार्ग पर चलना बहुत कठिन है। पूर्व पीएम वाजपेयी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित, सिद्धांतों और मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने पूर्व पीएम वाजपेयी से जुड़ा प्रसंग सुनाते हुए कहा कि पूर्व पीएम वाजपेयी के व्यक्तित्व में अद्भुत हाजिरजवाबी, विशाल हृदय और सहजता थी। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें पूर्व पीएम वाजपेयी के साथ गुजरात और उत्तरप्रदेश में प्रवास करने का अवसर मिला। पूर्व पीएम वाजपेयी कार्यकर्ताओं की चिंता करने वाले, सहज, सरल और मस्तमौला व्यक्तित्व के धनी थे। विपक्ष के नेता भी उनके व्यक्तित्व और विचारों का सम्मान करते थे। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि पूर्व पीएम वाजपेयी की प्रतिमा और उनके नाम पर निर्मित अटल पथ आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे